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किशोर की गोली मारकर की गई थी हत्या, सिर में फंसी मिलीं दो बुलेट, घर का था इकलौता चिराग
Mon, 01 Feb 2021 08:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 01 Feb 2021 08:45 PM IST
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Murder
- फोटो : सोशल मीडिया
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सत्रह दिन पहले घर से गायब लकी प्रजापति की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को सरायसुजान के नाले में फेंक दिया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान इसका खुलासा हुआ। उसके सिर में दो बुलेट फंसी मिलीं। डाक्टरों के अनुसार पांच दिन पहले उसकी हत्या की गई थी। उधर, घटना से नाराज लोगों ने सोमवार को मानधाता थाने के सामने जाम लगा दिया।
मानधाता थाना क्षेत्र के सरायसुजान निवासी लकी प्रजापति (17) पुुत्र सुरेश प्रजापति अपने घर से 16 जनवरी को दोपहर में निकला था। देर रात तक वह नहीं लौटा। परिजनों ने खोजबीन के बाद पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मानधाता पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर खामोश हो गई। परिवार के लोग उसकी खोजबीन करते रहे, मगर कहीं पता नहीं चला। रविवार की शाम सरायसुजान में मुजम्मिल के ईट-भट्ठे के पास स्थित नाले में लकी का शव मिला। जेब में मिले आधारकार्ड व कपड़े से उसकी पहचान हुई।
इकलौते बेटे का शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। देर रात पुलिस की मौजूदगी में शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के दौरान डाक्टरों ने शव का एक्सरे कराया। इस दौरान उसके सिर में दो बुलेट फंसी मिलीं। डाक्टरों के अनुसार करीब पांच दिन पहले उसकी गोली मारकर हत्या करने के बाद शव नाले में फेंका गया है। सीओ रानीगंज डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि काल डिटेल मंगाई गई है। उसकी हत्या क्यों की गई है, इसकी जांच की जा रही है।
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लकी के बालिग और नाबालिग होने के बारे में जानकारी जुटाने में ही मानधाता पुलिस को पांच दिन लग गए। जब पुलिस को पता चला कि लकी अभी नाबालिग है तो कागजी घोड़ा दौड़ाते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ अगवा करने का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद भी पुलिस ने उसकी खोजबीन करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए डीसीआरबी को तस्वीर भेज दी। यदि मानधाता पुलिस ने लकी को खोजने के लिए गंभीरता से प्रयास किया होता तो उसकी जान बच सकती थी।
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मानधाता थाना क्षेत्र के सरायसुजान निवासी लकी प्रजापति (17) पुुत्र सुरेश प्रजापति अपने घर से 16 जनवरी को दोपहर में निकला था। देर रात तक वह नहीं लौटा। परिजनों ने खोजबीन के बाद पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मानधाता पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर खामोश हो गई। परिवार के लोग उसकी खोजबीन करते रहे, मगर कहीं पता नहीं चला। रविवार की शाम सरायसुजान में मुजम्मिल के ईट-भट्ठे के पास स्थित नाले में लकी का शव मिला। जेब में मिले आधारकार्ड व कपड़े से उसकी पहचान हुई।
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इकलौते बेटे का शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। देर रात पुलिस की मौजूदगी में शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के दौरान डाक्टरों ने शव का एक्सरे कराया। इस दौरान उसके सिर में दो बुलेट फंसी मिलीं। डाक्टरों के अनुसार करीब पांच दिन पहले उसकी गोली मारकर हत्या करने के बाद शव नाले में फेंका गया है। सीओ रानीगंज डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि काल डिटेल मंगाई गई है। उसकी हत्या क्यों की गई है, इसकी जांच की जा रही है।
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तीन बहनों का दुलारा था लकी
लकी सरायसुजान निवासी सुरेश प्रजापति का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें आरती, प्रीती व प्रियंका हैं। लकी सबका दुलारा था। पिता सुरेश मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी हत्या से परिवार के लोग हैरान हैं। उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है।पुलिस की लापरवाही ने ली लकी की जान
मानधाता के सरायसुजान निवासी लकी प्रजापति के गायब होने के बाद पुलिस हर कदम पर लापरवाही बरतती रही। जिसके चलते लकी को हत्यारों ने मौत के घाट उतार दिया। 17 जनवरी को ग्रामीणों के दबाव पर पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर खामोश हो गई। लकी के परिवार के लोग लगातार अनहोनी की आशंका जताते रहे।लकी के बालिग और नाबालिग होने के बारे में जानकारी जुटाने में ही मानधाता पुलिस को पांच दिन लग गए। जब पुलिस को पता चला कि लकी अभी नाबालिग है तो कागजी घोड़ा दौड़ाते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ अगवा करने का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद भी पुलिस ने उसकी खोजबीन करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए डीसीआरबी को तस्वीर भेज दी। यदि मानधाता पुलिस ने लकी को खोजने के लिए गंभीरता से प्रयास किया होता तो उसकी जान बच सकती थी।