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पथरी का ऑपरेशन कराने गया और किडनी गायब हो गई, जमकर हंगामा
Thu, 05 Dec 2019 03:38 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2019 03:38 AM IST
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घटना से आक्रोशित लोगों का अस्पताल में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) में पथरी के ऑपरेशन के दौरन किडनी निकाले जाने के आरोप पर जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित के पिता ने आरोपी डॉक्टर प्रेम मोहन गुप्ता के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं इस घटना से नाराज लोगों ने शाहगंज थाने का घेराव किया। कॉल्विन के मुख्य चिकित्साधीक्षक (एसआईसी) ने हंगामा करने वालों के खिलाफ भी केस दर्ज कराया है।
तहरीर के मुताबिक गुलाबबाड़ी अटाला निवासी मथुरा प्रसाद ने 16 अक्तूबर 2019 को कॉल्विन अस्पताल में सर्जन डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता से अपने बेटे हरिकेश अहिरवार (25) का परीक्षण कराया। जांच के बाद बताया गया कि हरिकेश के पेट मे पथरी है। हरिकेश को अस्पताल में भर्ती कर 17 अक्तूबर को डॉ. प्रेम मोहन ने उसका ऑपरेशन कर पथरी निकाली।
मथुरा प्रसाद का आरोप है कि उनके पुत्र को ऑपरेशन के बाद भी आराम नहीं मिला। उसके घाव से लगातार मवाद आ रहा था। इस शिकायत पर डॉक्टर ने उनका अल्ट्रासाउंड कराया। बताया कि दाहिनी किडनी में पथरी के कुछ कण मौजूद हैं। इस बीच धनतेरस के दिन 25 अक्तूबर को लगातार छुट्टी होने की बात बताकर हरिकेश को डिस्चार्ज कर दिया गया।
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घर जाकर हरिकेश की तबीयत और बिगड़ गई तो परिजन उसे फिर कॉल्विन ले आए। वहां से मामला गंभीर बताकर उसे एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। दो दिसंबर को एसआरएन अस्पताल में सर्जन डॉ. शबी अहमद ने हरिकेश का परीक्षण किया। जांच रिपोर्ट देखकर डॉक्टर ने बताया कि हरिकेश की एक किडनी नहीं है, जिस पर पीड़ित के परिजन डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप लगाने लगे। आक्रोशित परिजन कई लोगों के साथ नारेबाजी करते हुए शाहगंज थाने पहुंचे और डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी। सूचना पर वहां एसीएम तृतीय सुनील कुमार पहुंचे।
सीएमओ, एसआईसी ने गठित की जांच टीम
पथरी के ऑपरेशन के दौरान मरीज की किडनी निकालने के आरोप की जांच करने के लिए सीएमओ ने विशेषज्ञों की जांच टीम गठित की है। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि पीड़ित या पुलिस के पत्र के आधार पर जांच कराई जाएगी। वहीं एसआईसी कॉल्विन डॉ. वीके सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम में डॉ. वीके सिंह, डॉ. एसएन चतुर्वेदी और डॉ. राजेश कुमार को शामिल किया गया है।
कॉल्विन अस्पताल में हंगामा
थाना घेराव करने के दौरान ही कुछ लोग कॉल्विन अस्पताल पहुंच गए। एसआईसी दफ्तर के सामने जुटे लोग नारेबाजी कर अरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। एसआईसी कॉल्विन डॉ. वीके सिंह ने पुलिस को हंगामे की सूचना देकर सुरक्षा मांगी। थोड़ी ही देर बाद पुलिस वहां पहुंची तो हंगामा कर रहे लोग वहां से चले गए। कुछ लोगों को पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया। इस बीच हरिकेश की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
एसआरएन से कैथरेटर लगवाकर हरिकेश पहुंचा घर
दोपहर करीब तीन बजे पीड़ित हरिकेश को एसआरएन अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी ड्रेसिंग की और पेशाब रुकने की शिकायत पर कैथरेटर लगाया। डॉक्टरों ने उसे भर्ती किए जाने की सलाह दी लेकिन वह परिजनों के साथ शाहगंज थाने जाने की बात कहकर घर पहुंच गया।
शाम को बिगड़ी हालत, इलाज कराने पहुंचा कॉल्विन
डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराने वाले हरिकेश की परेशानी बढ़ी तो कुछ लोग उसे लेकर रात करीब नौ बजे कॉल्विन अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए। वहां तैनात डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे एसआएन अस्पताल रेफर किया है।
एसीएम ने एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। पुलिस ने हरिकेश को सीएमओ दफ्तर भेजा, जहां हरिकेश और उनके परिवारीजनों ने कॉल्विन में किडनी निकालने का आरोप तो लगाया लेकिन लिखित शिकायत नहीं की। देर शाम एसपी के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता के खिलाफ धारा 337 और 338 ( किसी की जान खतरे में डालना) तथा मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 की धारा 18 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया।
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तहरीर के मुताबिक गुलाबबाड़ी अटाला निवासी मथुरा प्रसाद ने 16 अक्तूबर 2019 को कॉल्विन अस्पताल में सर्जन डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता से अपने बेटे हरिकेश अहिरवार (25) का परीक्षण कराया। जांच के बाद बताया गया कि हरिकेश के पेट मे पथरी है। हरिकेश को अस्पताल में भर्ती कर 17 अक्तूबर को डॉ. प्रेम मोहन ने उसका ऑपरेशन कर पथरी निकाली।
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मथुरा प्रसाद का आरोप है कि उनके पुत्र को ऑपरेशन के बाद भी आराम नहीं मिला। उसके घाव से लगातार मवाद आ रहा था। इस शिकायत पर डॉक्टर ने उनका अल्ट्रासाउंड कराया। बताया कि दाहिनी किडनी में पथरी के कुछ कण मौजूद हैं। इस बीच धनतेरस के दिन 25 अक्तूबर को लगातार छुट्टी होने की बात बताकर हरिकेश को डिस्चार्ज कर दिया गया।
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घर जाकर हरिकेश की तबीयत और बिगड़ गई तो परिजन उसे फिर कॉल्विन ले आए। वहां से मामला गंभीर बताकर उसे एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। दो दिसंबर को एसआरएन अस्पताल में सर्जन डॉ. शबी अहमद ने हरिकेश का परीक्षण किया। जांच रिपोर्ट देखकर डॉक्टर ने बताया कि हरिकेश की एक किडनी नहीं है, जिस पर पीड़ित के परिजन डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप लगाने लगे। आक्रोशित परिजन कई लोगों के साथ नारेबाजी करते हुए शाहगंज थाने पहुंचे और डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी। सूचना पर वहां एसीएम तृतीय सुनील कुमार पहुंचे।
सीएमओ, एसआईसी ने गठित की जांच टीम
पथरी के ऑपरेशन के दौरान मरीज की किडनी निकालने के आरोप की जांच करने के लिए सीएमओ ने विशेषज्ञों की जांच टीम गठित की है। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि पीड़ित या पुलिस के पत्र के आधार पर जांच कराई जाएगी। वहीं एसआईसी कॉल्विन डॉ. वीके सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम में डॉ. वीके सिंह, डॉ. एसएन चतुर्वेदी और डॉ. राजेश कुमार को शामिल किया गया है।
कॉल्विन अस्पताल में हंगामा
थाना घेराव करने के दौरान ही कुछ लोग कॉल्विन अस्पताल पहुंच गए। एसआईसी दफ्तर के सामने जुटे लोग नारेबाजी कर अरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। एसआईसी कॉल्विन डॉ. वीके सिंह ने पुलिस को हंगामे की सूचना देकर सुरक्षा मांगी। थोड़ी ही देर बाद पुलिस वहां पहुंची तो हंगामा कर रहे लोग वहां से चले गए। कुछ लोगों को पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया। इस बीच हरिकेश की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
एसआरएन से कैथरेटर लगवाकर हरिकेश पहुंचा घर
दोपहर करीब तीन बजे पीड़ित हरिकेश को एसआरएन अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी ड्रेसिंग की और पेशाब रुकने की शिकायत पर कैथरेटर लगाया। डॉक्टरों ने उसे भर्ती किए जाने की सलाह दी लेकिन वह परिजनों के साथ शाहगंज थाने जाने की बात कहकर घर पहुंच गया।
शाम को बिगड़ी हालत, इलाज कराने पहुंचा कॉल्विन
डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराने वाले हरिकेश की परेशानी बढ़ी तो कुछ लोग उसे लेकर रात करीब नौ बजे कॉल्विन अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए। वहां तैनात डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे एसआएन अस्पताल रेफर किया है।
एसीएम ने एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। पुलिस ने हरिकेश को सीएमओ दफ्तर भेजा, जहां हरिकेश और उनके परिवारीजनों ने कॉल्विन में किडनी निकालने का आरोप तो लगाया लेकिन लिखित शिकायत नहीं की। देर शाम एसपी के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता के खिलाफ धारा 337 और 338 ( किसी की जान खतरे में डालना) तथा मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 की धारा 18 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया।