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केन, बेतवा ने बढ़ाई मुसीबत, तेजी से बढ़ा गंगा यमुना का जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 26 Jul 2015 01:26 AM IST
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आखिरकार पिछले दिनों मध्य प्रदेश के तमाम इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश का असर इलाहाबाद में दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश से होकर बहने वाली नदियों केन, बेतवा का जलस्तर क्या बढ़ा, इलाहाबाद में गंगा यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 48.850 मीटर, व छतनाग में 77.120 मीटर दर्ज किया गया है।
जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर 77.860 मीटर तक पहुंच गया है। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह ने बताया कि यमुना के जलस्तर में 145 सेमी और गंगा के जलस्तर में 154 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का यह भी कहना है कि सांय चार बजे के नदियों के जलस्तर में थोड़ी कमी आई है। विभागीय अधिशासी अभियंता का कहना है कि हालांकि दोनों नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, लेकिन फिर भी नदियों के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
दूसरी ओर नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही एक बार फिर तीर्थ पुरोहितों, घाटियों को सामान समेटकर भागना पड़ा है। सुरक्षित स्थानों पर जगह को लेकर कुछ लोगों में नोकझोंक भी हुई।
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गंगा यमुना का जलस्तर बढ़ने के साथ ही शहरी भी नदियों मेें बाढ़ का नजारा लेने पहुंचने हैं। शनिवार को कई शहरी परिजनों संग संगम पहुंचे और नावों में बैठकर बाढ़ का नजारा लिया।
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जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर 77.860 मीटर तक पहुंच गया है। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह ने बताया कि यमुना के जलस्तर में 145 सेमी और गंगा के जलस्तर में 154 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का यह भी कहना है कि सांय चार बजे के नदियों के जलस्तर में थोड़ी कमी आई है। विभागीय अधिशासी अभियंता का कहना है कि हालांकि दोनों नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, लेकिन फिर भी नदियों के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
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दूसरी ओर नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही एक बार फिर तीर्थ पुरोहितों, घाटियों को सामान समेटकर भागना पड़ा है। सुरक्षित स्थानों पर जगह को लेकर कुछ लोगों में नोकझोंक भी हुई।
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गंगा यमुना का जलस्तर बढ़ने के साथ ही शहरी भी नदियों मेें बाढ़ का नजारा लेने पहुंचने हैं। शनिवार को कई शहरी परिजनों संग संगम पहुंचे और नावों में बैठकर बाढ़ का नजारा लिया।