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कौशाम्बी : देश में विघटनकारी शक्तियां हावी, ऐसी शक्तियों की साजिशों को करें नाकाम - आरिफ मोहम्मद खान
Mon, 20 Sep 2021 04:46 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 20 Sep 2021 04:46 PM IST
सार
- केरल के राज्यपाल ने सैयदसरांवा दरगाह पर चढ़ाई चादर, मुल्क में अमन चैन और तरक्की के लिए मांगी दुआएं।
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Kaushambi News : कौशाम्बी में आयोजित कार्यक्रम में बोलते केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान।
- फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
सैयदसरांवा गांव स्थित खानकाह-ए-अरिफिया दरगाह में रविवार को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने हजरत आरिफ सफी की दरगाह में चादर चढ़ाई। दौरान राज्यपाल ने देश मे अमन, चैन कायम रखने के लिए दुआएं मांगीं। गांव में उनके स्वागत के लिए व्यवस्थाएं चाक चौबंद रहीं। यहां मदरसा में आयोजित कार्यक्रम में भी उन्होंने शिरकत की।
मदरसा के कांफ्रेंस हाल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने देश के विकास और तरक्की के लिए आम आदमी से एकजुट रहने को कहा। उन्होंने कहा कि कि देश में इस समय विघटनकारी शक्तियां हावी हैं, ऐसी शक्तियों की साजिशों को किसी भी कीमत पर कामयाब ना होने दें। कार्यक्रम की सफलता के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। इस दौरान उन्होंने सैयद सरावा स्थित दरगाह पर जियारत कर चादर चढ़ाई और सूफी संत एहसानुल्लाह मोहम्मदी उर्फ अबु मियां से दुआएं मांगी। उन्होंने खानकाह को अमन व शांति का रूहानी मरकज बताया है। कार्यक्रम में हसन सईद, हुसैन सईद, अली सईद व मैनेजर साजिद सईदी मौजूद रहे।
राज्यपाल बनने से दो दिन पहले आए थे आरिफ मोहम्मद खान
मूलत: बुलंदशहर के बाराबस्ती निवासी आरिफ मोहम्मद खान रविवार को सैयद सरावां स्थित मदरसे में आकर अपने आप को खुशनसीब बताया। उन्होंने कहा कि वह दो साल पहले राज्यपाल बनने के दो दिन पहले यहां आए थे। इस दौरान उन्होंने दरगाह पर चादर चढ़ा कर मन्नत मांगी थी। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा मांगी गई मन्नत पूरी हुई। दो साल बाद वह फिर से दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए आए हैं।
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मदरसा के कांफ्रेंस हाल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने देश के विकास और तरक्की के लिए आम आदमी से एकजुट रहने को कहा। उन्होंने कहा कि कि देश में इस समय विघटनकारी शक्तियां हावी हैं, ऐसी शक्तियों की साजिशों को किसी भी कीमत पर कामयाब ना होने दें। कार्यक्रम की सफलता के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। इस दौरान उन्होंने सैयद सरावा स्थित दरगाह पर जियारत कर चादर चढ़ाई और सूफी संत एहसानुल्लाह मोहम्मदी उर्फ अबु मियां से दुआएं मांगी। उन्होंने खानकाह को अमन व शांति का रूहानी मरकज बताया है। कार्यक्रम में हसन सईद, हुसैन सईद, अली सईद व मैनेजर साजिद सईदी मौजूद रहे।
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राज्यपाल बनने से दो दिन पहले आए थे आरिफ मोहम्मद खान
मूलत: बुलंदशहर के बाराबस्ती निवासी आरिफ मोहम्मद खान रविवार को सैयद सरावां स्थित मदरसे में आकर अपने आप को खुशनसीब बताया। उन्होंने कहा कि वह दो साल पहले राज्यपाल बनने के दो दिन पहले यहां आए थे। इस दौरान उन्होंने दरगाह पर चादर चढ़ा कर मन्नत मांगी थी। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा मांगी गई मन्नत पूरी हुई। दो साल बाद वह फिर से दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए आए हैं।
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