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Kaushambi : यूपी में बौद्ध धर्मावलंबियों की पहली पसंद बना काैशाम्बी, कुशीनगर और सारनाथ दूसरे और तीसरे स्थान पर
Sat, 17 May 2025 02:20 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 17 May 2025 02:20 PM IST
सार
अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे पारंपरिक तीर्थ स्थलों के साथ अब बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। बेहतर बुनियादी सुविधाओं के चलते प्रदेश का कौशाम्बी जिला बौद्ध पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है।
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कौशाम्बी बौद्ध स्थल।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे पारंपरिक तीर्थ स्थलों के साथ अब बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। बेहतर बुनियादी सुविधाओं के चलते प्रदेश का कौशाम्बी जिला बौद्ध पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। वर्ष 2024 में प्रदेश में कुल 61,47,826 बौद्ध पर्यटक आए, जिनमें से 24,74,460 श्रद्धालु कौशाम्बी पहुंचे।
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बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए काैशाम्बी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे बौद्ध सर्किट, पर्यटक सुविधाएं और प्रचार-प्रसार ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। धार्मिक पर्यटन को लेकर प्रदेश सरकार का यह विजन कौशाम्बी को वैश्विक धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर रहा है। वर्ष 2024 में प्रदेश में बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों पर श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या देखने को मिली।
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पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 24,74,460 श्रद्धालु कौशाम्बी पहुंचे हैं। कौशाम्बी के बाद क्रमशः कुशीनगर (22,42,913) और सारनाथ (11,80,157) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मान्यता है कि भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपने छठे और नौवें वर्ष के दौरान यहां अपनी शिक्षाओं का प्रचार किया था। उन्होंने कौशाम्बी में कई उपदेश भी दिए थे।
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