प्रयागराज : हिमाचल प्रदेश के कुख्यात अपराधी के सात शरणदाताओं को थाने से छोड़ने पर घिरी करेली पुलिस
पुलिस ने दबिश दी लेकिन वह इससे पहले ही फरार हो गया। पुलिस उसके ससुर समेत सात शरणदाताओं को थाने उठा लाई लेकिन रात भर बिठाए रखने केबाद उन्हें बिना लिखापढ़ी के ही छोड़ दिया गया। घटना पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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हिमाचल प्रदेश से फरार कुख्यात अपराधी के शरणदाताओं को थाने से छोड़ने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना शहर के कोतवाली थाने का है जहां फरार अपराधी छिपकर एक लॉज में रह रहा था।
पुलिस ने दबिश दी लेकिन वह इससे पहले ही फरार हो गया। पुलिस उसके ससुर समेत सात शरणदाताओं को थाने उठा लाई लेकिन रात भर बिठाए रखने केबाद उन्हें बिना लिखापढ़ी के ही छोड़ दिया गया। घटना पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है।
हिमांचल का रहने वाला डेविड पिछले साल गिरफ्तार हुआ था। हालांकि पेशी पर ले जाए जाने के दौरान वह फरार हो गया था जिसमें दो सिपाही सस्पेंड कर दिए गए थे। पिछले दिनों हिमांचल प्रदेश की पुलिस को सूचना मिली कि डेविड प्रयागराज के कोतवाली इलाके में छिपकर फरारी काट रहा है। इस पर वहां की पुलिस ने जनपद में तैनात एक स्पेशल टीम के प्रभारी से डेविड को पकड़ने में मदद मांगी।
छापेमारी में भाग निकला डेविड
सूत्रों का कहना है कि इसके बाद प्रभारी ने दो सिपाहियों और कोतवाली व शाहगंज थाने के एक-एक चौकी प्रभारी के साथ जानसेनगंज के पास स्थित लॉज में देर रात छापा मारा। इस दौरान डेविड तो फरार हो गया लेकिन उसके ससुर समेत सात शरणदाता पकड़ लिए गए।
पुलिस टीम इन सभी को लेकर शहर कोतवाली थाने पहुंची और घंटों पूछताछ में जुटी रही। लेकिन रात भर बिठाए रखने के बाद सुबह इन सभी को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
अपराधी के शरणदाताओं को बिना कार्रवाई छोड़े जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। मामले में एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि फिलहाल प्रकरण उनकी जानकारी में नहीं है। लेकिन इसका पता लगाया जाएगा। किसी तरह की अनियमितता की बात सामने आती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
अफसरों को भी रखा अंधेरे में
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अधिकारियों को भी अंधेरे में रखा गया। उन्हें मामले की जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों का यह भीकहना है कार्रवाई के दौरान स्पेशल टीम का प्रभारी बार-बार देहात क्षेत्र के एक एएसपी का नाम लेता रहा। उसका कहना था कि उक्त अधिकारी के निर्देश पर ही वह दबिश देने पहुंचा है। फिलहाल घटना पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी है।