फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Karchhana Assembly: Till date BJP has not got victory

करछना विधानसभा : भाजपा आज तक नहीं चख सकी है जीत का स्वाद

Mon, 24 Jan 2022 04:59 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 24 Jan 2022 04:59 AM IST
सार

यमुनापार की करछना विधानसभा सीट में सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने पहली बार राधेश्याम पटेल को 1980 के विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया था, तब उन्हें महज 3764 मत ही मिले थे।

विज्ञापन
Karchhana Assembly: Till date BJP has not got victory
bjp logo

विस्तार

विधानसभा चुनाव में करछना में कमल खिलाना भाजपा के लिए चुनौती बना हुआ है। यमुनापार की यही ऐसी एकमात्र सीट है, जहां पर आज तक भाजपा का कोई प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सका। देश आजाद होने के बाद अब तक हुए कुल 17 विधानसभा चुनावों में वर्तमान राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह करछना से सात बार विधायक के रूप में निर्वाचित हो चुके हैं। बीते छह चुनाव में इस सीट पर तीन-तीन बार सपा और बसपा का कब्जा रहा है।

विज्ञापन



यमुनापार की करछना विधानसभा सीट में सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने पहली बार राधेश्याम पटेल को 1980 के विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया था, तब उन्हें महज 3764 मत ही मिले थे। इसके बाद 1985 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे। 2017 के चुनाव में पहली बार इस सीट से भाजपा लड़ती नजर आई। तब पार्टी के प्रत्याशी पीयूष रंजन निषाद ने इस सीट से 65 हजार से ज्यादा वोट जुटाए, जबकि सपा प्रत्याशी उज्ज्वल रमण सिंह 80 हजार से ज्यादा वोट पाकर यहां से निर्वाचित हुए।
विज्ञापन



वर्तमान में भाजपा नेता दीपक पटेल भी बसपा के टिकट पर इस सीट से वर्ष 2012 में विधायक बन चुके हैं। उन्होंने तब नजदीकी मुकाबले में सपा से चुनाव लड़े उज्जवल रमण को शिकस्त दी थी। करछना विधानसभा में बसपा ने भी अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। वर्ष 2012, 2007, 1993 में यह सीट बसपा के खाते में आ चुकी है। 1967 के चुनाव में यह सीट निर्दलीय एस. दीन के खाते में भी आ चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रयागराज की पहली महिला विधायक बनीं थीं कमल कुमार गोइंदी
करछना विधानसभा ने ही प्रयागराज को पहली महिला विधायक दी थी। वर्ष 1957 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर कमल कुमार गोइंदी ने पीएसपी के सत्य नारायण पांडेय को तकरीबन 11 हजार मतों से शिकस्त दी थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हेमवती नंदन बहुगुणा भी 1951 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। तब इस सीट से कुल दो विधायक चुने गए थे। इसमें दूसरे विधायक भी कांग्रेस से रहे। उनका नाम जवाहर लाल था।



अलग-अलग चार दलों से चुनाव लड़ चुके हैं रेवती रमण
करछना विधानसभा से रेवती रमण कुल सात बार निर्वाचित हुए। दो चुनावों में उन्हें हार का भी सामना करना पड़ा। वह इस सीट से पहली बार 1974 में  निर्वाचित हुए। इसके बाद 1977, 1985, 1989, 1991, 1996, 2002 में भी वह निर्वाचित हुए। इस दौरान वह चार अलग-अलग दल से चुनाव मैदान में उतरे। विधायक के रूप में वह इस विधानसभा से दो बार सपा के टिकट, एक बार जनता दल, तीन बार जनता पार्टी और एक बार एनसीओ के टिकट पर निर्वाचित हुए।

करछना विधानसभा सीट से विजयी उम्मीदवारों के नाम

वर्ष        प्रत्याशी का नाम            दल का नाम
2017        उज्ज्वल रमण सिंह             सपा
2012        दीपक पटेल                बसपा
2007        आनंद कुमार                बसपा
2002        रेवती रमण सिंह            सपा
1996        रेवती रमण सिंह            सपा
1993        नंद लाल सिंह पटेल            बसपा
1991        रेवती रमण सिंह            जनता दल
1989        रेवती रमण सिंह            जनता पार्टी
1985        रेवती रमण सिंह            जनता पार्टी
1980        कृष्ण प्रकाश                कांग्रेस
1977        रेवती रमण सिंह            जनता पार्टी
1974        रेवती रमण सिंह            एनसीओ
1969        राम किशोर शुक्ला            कांग्रेस
1967        एस दीन                निर्दलीय
1962        सत्य नारायण पांडेय            पीएसपी
1957        कमल कुमार गोइंदी            कांग्रेस
1951        हेमवती नंदन बहुगुणा, जवाहर लाल        कांग्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed