Prayagraj : चौड़ा होगा कांवड़ यात्रा मार्ग, प्रयागराज से वाराणसी के मार्ग का प्रस्ताव तैयार, नहीं टूटेंगे मकान
सावन महीने में प्रयागराज से बड़ी संख्या में कांवड़िये काशी विश्वनाथ मंदिर में गंगाजल चढ़ाने के लिए वाराणसी जाते हैं। इनकी अधिक संख्या को देखते हुए अन्य वाहनाें के लिए एक तरफ का मार्ग बंद कर दिया जाता है। इससे पूरे महीने जाम की स्थिति रहती है।
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प्रयागराज से वाराणसी के बीच कांवड़ मार्ग का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यह मुख्य मार्ग के दोनों तरफ 3.73 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इसके लिए फुटपाथ एवं सर्विस लेन का इस्तेमाल किया जाएगा। सावन महीने में प्रयागराज से बड़ी संख्या में कांवड़िये काशी विश्वनाथ मंदिर में गंगाजल चढ़ाने के लिए वाराणसी जाते हैं। इनकी अधिक संख्या को देखते हुए अन्य वाहनाें के लिए एक तरफ का मार्ग बंद कर दिया जाता है। इससे पूरे महीने जाम की स्थिति रहती है।
इस समस्या के निदान के लिए प्रयागराज से वाराणसी बीच के अलग कांवड़ मार्ग का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अनुमति भी मिल गई है। डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि कांवड़ मार्ग मुख्य मार्ग के दोनों तरफ बनेगा, जो 3.73 मीटर चौड़ा होगा। उनका कहना है कि प्रयागराज जिले के अंतर्गत शास्त्री ब्रिज से बरौत के बीच तीन प्रमुख बाजार हैं। इन बाजारों में फुटपाथ एवं जल निकासी वाले स्थान पर कांवड़ मार्ग बनाया जाएगा।
नहीं टूटेंगे मकान एवं दुकान
कांवड़ मार्ग के लिए अलग से मकान एवं दुकान नहीं तोड़ने होंगे। अफसरों के अनुसार हंडिया से झूंसी के बीच फोर लेन की सड़क स्वीकृत हो गई है। इसका निर्माण जल्द ही शुरू होगा। इस सड़क के किनारे हनुमानगंज समेत अन्य बाजार में भी सर्विस लेन एवं फुटपाथ का निर्माण कराया जाएगा। इन्हें ही कांवड़ मार्ग में तब्दील कर दिया जाएगा। ऐसे में कांवड़ मार्ग के लिए अलग से जमीन की आवश्यकता नहीं होगी और न ही कोई तोड़फोड़ करनी होगी।
...लेकिन कुंभ के कार्यों में शामिल नहीं
कांवड़ मार्ग का निर्माण मेला के बजट से होना है। इसके प्रस्ताव को उप मुख्यमंत्री की मंजूरी भी मिल गई है लेकिन कुंभ के प्रस्ताव में इसे शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में इसके निर्माण में देरी की आशंका भी बन गई है।