कल्याण सिंह: पूर्व मुख्यमंत्री का प्रयागराज से रहा गहरा नाता, मुक्त विश्वविद्यालय की दी थी सौगात
अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के महानायक रहे पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के निधन से प्रयागराज में शोक की लहर दौड़ गई। कल्याण सिंह का प्रयागराज से काफी गहरा नाता रहा है।
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अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के महानायक रहे पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के निधन से प्रयागराज में शोक की लहर दौड़ गई। कल्याण सिंह का प्रयागराज से काफी गहरा नाता रहा है। मुख्यमंत्री रहते और उसके बाद वह कई बार जिले में आए थे।
राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह पूर्व राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी जी के जन्मदिन के अवसर पर प्रयागराज पहुंचे थे। इस दौरान 101 किलो की माला पहना कर उनका स्वागत किया गया था। 23 मई 1998 को प्रयाग संगीत समिति के खुले हाल में डा. मुरली मनोहर जोशी के अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री कल्याण सिंह प्रयागराज पहुंचे थे।
सरकार बर्खास्त करने के बाद कल्याण सिंह के निर्देश पर गया था कोर्ट : डा. गौर
कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री रहने के दोनों कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री रहे डा. नरेंद्र कुमार सिंह गौर बताते हैं कि उनके दूसरे कार्यकाल में 21 फरवरी 1998 को यूपी के राज्यपाल रोमेश भंडारी ने रातोंरात कल्याण सिंह को बर्खास्त कर दिया। इसके बाद वर्तमान सांसद जगदंबिका पाल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी गई। उस दौरान जगदंबिका पाल कल्याण सिंह की सरकार में परिवहन मंत्री के पद पर तैनात थे। अचानक हुए इस वाकये के बाद कल्याण सिंह के कहने पर मैने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर कल्याण सिंह को पुन: मुख्यमंत्री की कुर्सी वापस मिली । डा. गौर ने कहा कि कल्याण सिंह प्रभावशाली सीएम थे। उनके कार्यकाल में मंत्रियों को पूरी स्वतंत्रता रहती। मंदिर के लिए उन्होंने अपनी सरकार कुर्बान कर दी। उन्होंने कारसेवकों पर गोली नहीं चलने दी। उनका जाना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान है।
पूर्व राज्यपाल एवं यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने अपने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रयागराज को उत्तर प्रदेश राजर्षिटंडन मुक्त विश्वविद्यालय की सौगात दी थी। 24 मार्च 1999 को इस विश्वविद्यालय ने मूर्त रूप लिया। तत्कालीन उच्च शिक्षामंत्री रहे डा. नरेंद्र सिंह गौर बताते हैं कि तब उन्होंने मुक्त विश्वविद्यालय के लिए गुजारिश की थी। उसी समय तय हो गया कि यह विश्वविद्यालय पुरुषोत्तमदास टंडन के नाम पर होगा। कल्याण सिंह के ही कार्यकाल में निजी इंजीनियरिंग कालेजों को खोले जाने की अनुमति दी गई। ताकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए यूपी के बच्चों को दूसरे प्रदेशों में न जाना पड़े।
दीन दयाल प्रतिमा का भी कल्याण सिंह ने किया था अनावरण
बालसन चौराहे पर लगी पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण भी पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने किया था। वर्ष 1991-92 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान वह प्रयागराज आए थे। उसी दौरान उन्होंने बालसन चौराहे पर पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण किया।
केशव मौर्य का प्रचार करने के लिए वर्ष 2014 में आए थे कल्याण
कल्याण सिंह का प्रयागराज आगमन आखिरी बार वर्ष 2014 में हुआ था। तब अशोक सिंहल के आग्रह पर वह केशव प्रसाद मौर्य के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए आए थे। तब डिप्टी सीएम केशव को भाजपा ने फूलपुर संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया था। उस दौरान कल्याण सिंह ने नवाबगंज में केशव प्रसाद मौर्य के लिए चुनाव प्रचार किया। भाजपा के पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय बताते हैं कि उस दौरान वह चुनावी सभा के संयोजक थे। उससे पहले वर्ष 2013 में पीटर यंग्रीन के विरोध के कारण नैनी जेल में बंद केशव प्रसाद मौर्य से मिलने कल्याण सिंह जेल गए थे। 10 नवंबर 2012 को पं. केशरी नाथ त्रिपाठी के जन्मदिन समारोह में हिस्सा लेने के लिए वह प्रयागराज आए थे।
राम मंदिर निर्माण में मील का पत्थर बने कल्याण सिंह
श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नहीं रहने पर गहरा दु:ख जताया है। उन्होंने कहा, अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह मील का पत्थर हो गए। राम मंदिर का कायाकल्प उनके दृढ़ निश्चय और अदम्य साहस का ही परिणाम है।