फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Jyoti Maurya Case Public Reaction Contestants unhappy with comments being made on daughter-in-law

Jyoti Maurya Case: बहू! तुम किसी ज्योति की लौ में न झुलसो... बस जमकर पढ़ाई करो; टिप्पणियों से नाखुश प्रतियोगी

Tue, 11 Jul 2023 12:54 PM IST
शाहरुख खान रजनीश यादव, अमर उजाला, प्रयागराज
रजनीश यादव, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 11 Jul 2023 12:54 PM IST
सार

ज्योति मौर्य प्रकरण के बाद बहुओं पर की जा रही टीका-टिप्पणियों से प्रतियोगी नाखुश हैं। पूर्वांचल के तमाम शहरों से प्रयागराज में तैयारी करने आईं युवतियों का कहना है कि ज्योति मौर्य प्रकरण के बाद भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं।

विज्ञापन
Jyoti Maurya Case Public Reaction Contestants unhappy with comments being made on daughter-in-law
पीसीएस ज्योति मौर्य। - फोटो : amar ujala

विस्तार

पीसीएस ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के सुर्खियों में छाए विवाद के बीच सोशल मीडिया पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही बहुओं के खिलाफ खूब तंज कसे जा रहे हैं। शॉर्ट वीडियो और मीम्स से ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, मानों सारे लोग बहुओं को पढ़ाने के खिलाफ हो गए हैं, उनकी तैयारी छुड़ाकर वापस बुलाने लगे हैं। 
विज्ञापन


हकीकत में ससुराल वाले उनके साथ हैं और किसी ज्योति की ''लौ'' में झुलसने के बजाय, सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान लगाने के लिए भी कह रहे हैं। पूर्वांचल के तमाम शहरों से प्रयागराज में तैयारी करने आईं युवतियों का कहना है कि ज्योति मौर्य प्रकरण के बाद भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। 
विज्ञापन


सुल्तानपुर की शिखा यादव बताती हैं कि तीन साल पहले शादी होने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज आई थीं। ससुराल वाले बराबर उनका उत्साह बढ़ाते रहते हैं। ससुराल पक्ष से ज्योति मौर्य प्रकरण पर किसी ने कोई बात भी नहीं की। इस पर मीम्स बनाना, अफवाह फैलाना गलत है, पर कुछ लोग मजे के लिए यह सब कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


तेलियरगंज में रहकर तैयारी कर रहीं सुल्तानपुर की रंजना तिवारी कहती हैं, इस प्रकरण को इतना तूल देना सही नहीं है। घरवाले पहले की तरह सहयोग कर रहे हैं। हम उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।

 वह बतातीं हैं कि उनकी दो सहेलियों का चयन केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक पद पर हुआ है। दोनों ससुराल की पूरी जिम्मेदारी उठा रही हैं। ऐसी महिलाएं भी हैं, जो कामयाब होकर ससुराल और मायके दोनों की जिम्मेदारी का अच्छे से निर्वहन कर रही हैं।
 

गोविंदपुर में रहकर दो साल से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रही अंबेडकर नगर की ईशा बताती हैं कि ससुराल व मायके दोनों जगह से पूरा सहयोग मिल रहा है। पति ने कहा है कि इन सब अफवाहों पर ध्यान न देकर अपने लक्ष्य पर ध्यान दो। ईशा के मुताबिक उनके संपर्क में अब तक ऐसा कोई मामला नहीं आया, जिसमें ससुराल वालों ने किसी को वापस बुला लिया हो। यह सब अफवाह है। सोशल मीडिया का कुरूप चेहरा यही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed