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जस्टिस राजेश बिंदल बोले : अब एक क्लिक पर मिलेगा नया, पुराना जजमेंट, ई-लाइब्रेरी की शुरूआत
Mon, 19 Dec 2022 10:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 19 Dec 2022 10:47 PM IST
सार
अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ई-लाइब्रेरी अधिवक्ताओं के लिए अत्यधिक सहयोगी साबित होगी। वर्तमान में नेटवर्किंग की समस्या से जूझ रहे अधिवक्ताओं के लिए ई-लाइब्रेरी के दो सौ मीटर की परिधि में मजबूत नेटवर्किंग व लॉ फाउंडर के माध्यम से मुकदमों से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी।
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में मौजूद मु्ख्य न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं को अब नए, पुराने जजमेंट पाना और आसान होगा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने इसके लिए ई-लाइब्रेरी की शुरूआत की है। सोमवार को इसका उद्घाटन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने किया। इस मौके पर मुख्य न्यायमूर्ति ने कहा कि नई तकनीकी ने अधिवक्ताओं की कार्यशैली को और आसान बना दिया है। उन्होंने अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण की अपनी प्राथमिकता बताई।
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कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ई-लाइब्रेरी अधिवक्ताओं के लिए अत्यधिक सहयोगी साबित होगी। वर्तमान में नेटवर्किंग की समस्या से जूझ रहे अधिवक्ताओं के लिए ई-लाइब्रेरी के दो सौ मीटर की परिधि में मजबूत नेटवर्किंग व लॉ फाउंडर के माध्यम से मुकदमों से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध होंगी। उन्होंने ई-लाइब्रेरी की स्थापना में योगदान देने वाले लॉ फाउंडर के निदेशक भगतजीत सिंह चावला, महाप्रबंधक नवनीत अमृते, प्रबंधक विमल मौर्या को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बार अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने ई-लाइब्रेरी स्थापित करने का श्रेय मुख्य न्यायमूर्ति को दिया। कहा कि मुख्य न्यायमूर्ति की वजह से ही मुकदमों के दाखिले और सुनवाई से जुड़ी समस्याओं का निराकरण संभव हो पाया है। महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन ने कहा कि ई-लाइब्रेरी में 10 नए अत्याधुनिक व्यवस्था स्थापित की गई है। संयुक्त सचिव लाइब्रेरी यादवेश यादव, मनोज कुमार मिश्र, नीरज कुमार त्रिपाठी, सुरेंद्र नाथ मिश्र, धर्मेंद्र सिंह यादव, आशुतोष त्रिपाठी, उष्मा मिश्रा, अरुण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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