Prayagraj : जस्टिस गिरिधर मालवीय पंचतत्व में विलीन, रसूलाबाद घाट पर किया गया अंतिम संस्कार
न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय का सोमवार की सुबह निधन हो गया था। सीने में संक्रमण और सांस लेने की तकलीफ में सुधार न होने की वजह से दिन के 11 बजे उन्हें विशेष विमान से कोलकाता ले जाया जाना था, लेकिन उसके पहले ही उनकी सांसें थम गईं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय के पौत्र न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय का पार्थिव शरीर मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। रसूलाबाद घाट पर गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें नम आंखों से विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में न्याय, शिक्षा और समाज सेवा क्षेत्र से जुड़ी कई हस्तियां शामिल हुईं। न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय मौजूदा समय काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी थे। सोमवार की सुबह न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय का निधन हो गया था। वह पिछलेे कई दिनों से सीने में संक्रमण से पीड़ित थे। अस्पताल से उनके पार्थिव शरीर को जार्जटाउन स्थित बंगले पर लाया गया, जहां मंगलवार की सुबह भी अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों को तांता लगा रहा।
दिन के 11:30 बजे सुसज्जित वाहन पर पार्थिव शरीर रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई। पुष्पवर्षा के साथ अंतिम यात्रा 12 बजे के बाद रसूलाबाद घाट पर पहुंची, जहां इकलौते पुत्र आईपीएस मनोज मालवीय ने मुखाग्नि दी। इससे पहले उन्हें प्रशासन की ओर से राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। इस दौरान श्मशान घाट पर उन्हें गार्ड ऑफ दिया गया। अंतिम यात्रा में महाधिवक्ता अजय मिश्र, न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह, महापौर गणेश केसरवानी, बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी के अलावा भाजपा, कांग्रेस और सपा के कई नेता भी शामिल हुए।
महामना मदन मोहन मालवीय के पौत्र बीएचयू के कुलाधिपति न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय पंचतत्व में विलीन हो गए। मंगलवार को रसूलाबाद गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इकलौते पुत्र व पश्चिम बंगाल राज्य पुलिस के मुख्य सलाहकार और पूर्व डीजीपी मनोज मालवीय ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनकी शव यात्रा में नेताओं, अफसरों और न्याय जगत से जुडे़ बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय का सोमवार की सुबह निधन हो गया था। सीने में संक्रमण और सांस लेने की तकलीफ में सुधार न होने की वजह से दिन के 11 बजे उन्हें विशेष विमान से कोलकाता ले जाया जाना था, लेकिन उसके पहले ही उनकी सांसें थम गईं। वह 88 वर्ष के थे। मंगलवार को सुबह उनकी शवयात्रा जार्जटाउन स्थित उनके आवास से निकाली गई।बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक भारत रत्न मदन मोहन मालवीय के वह पौत्र थे।
उन्होंने लंबे समय तक न्यायपालिका में अपनी सेवा की बदाैलत अलग पहचान बनाई। बीएचयू से उन्होंने राजनीतिक विज्ञान और विधि में स्नातक किया था। गिरधर मालवीय को उत्तर प्रदेश सेवा प्राधिकरण का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था। उन्हें दो बार महामना मालवीय मिशन का राष्ट्रीय प्रमुख भी बनाया गया।