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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल : ओपीडी हजार पर सिमटी, भटक रहे गंभीर मरीज, टल रहे ऑपरेशन

Thu, 30 Dec 2021 12:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 30 Dec 2021 12:24 AM IST
सार

पीजी काउंसलिंग की मांग कर रहे जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार जारी है। आंदोलित डॉक्टरों की संख्या करीब 190 से दोगुने डॉक्टरों की ड्यूटी कॉलेज प्रशासन ने लगाई है, लेकिन वरिष्ठों की मौजूदगी के बाद भी व्यवस्था पटरी से उतरी है।

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Junior doctors strike: OPD limited to thousand, serious patients wandering, operations postponed
Prayagraj News : एसआरएन अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार से एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में अव्यवस्था का आलम है। सामान्य मरीजों के साथ गंभीर मरीज इधर से उधर भटकने को मजबूर हैं। हाल इस कदर खराब हैं कि बुजुर्ग, असहाय, लाचार मरीजों को स्ट्रेचर तक नहीं मिल पा रहा है। यही नहीं दिन भर में औसतन ढाई हजार की ओपीडी एक हजार के आंकड़े पर सिमट आई है। सामान्य दिनों में होने वाले ऑपरेशनों की संख्या 75 से सिमट कर 20 पर आ गई है।

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पीजी काउंसलिंग की मांग कर रहे जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार जारी है। आंदोलित डॉक्टरों की संख्या करीब 190 से दोगुने डॉक्टरों की ड्यूटी कॉलेज प्रशासन ने लगाई है, लेकिन वरिष्ठों की मौजूदगी के बाद भी व्यवस्था पटरी से उतरी है।
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उतरांव से आईं 78 वर्षीय रमदेई देवी को लेकर आई उनकी बहू और बेटी ने बताया कि न डॉक्टर मिलते हैं, न ही व्हील चेयर या स्ट्रेचर, मजबूरी में लाठी के सहारे हम सब उन्हें टिका कर इधर से उधर जा रहे हैं। पता चला कि दिन में करीब दो बजे एसआईसी ने बुजुर्ग महिला का विशेषज्ञ से परीक्षण कराकर दवा दिलाई। इसी तरह करेली से आईं नूरजहां बेगम बेटे के साथ धड़कन बढ़ने की जांच कराने आई थीं। उन्होंने बताया कि गेट से विभाग तक जाने को छोड़िए पर्चा बनवाने में दो घंटे लग गए। 
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दो मामले तो बानगी भर हैं, लेकिन सच्चाई है कि एसआरएन में विशेषज्ञों की उपलब्धता के बाद भी मरीज भटक रहे हैं। एसआईसी डॉ. अजय सक्सेना के मुताबिक दिन भर में 1040 मरीजों का पंजीकरण किया गया। सर्वाधिक 240 मरीज मेडिसिन ओपीडी में रहे। यहां डॉ. कमलेश सोनकर शाम चार बजे तक मरीज देखते रहे। वहीं ईएंडटी में 140 तथा सर्जरी विभाग में 155 मरीज पहुंचे। इसी तरह पूर्व निर्धारित कई ऑपरेशन टाले गए। जानकारी के मुताबिक आर्थो की तीन सहित कुल 12 सर्जरी दिन में तीन बजे तक हो पाई थीं। साफ है कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक सभी वरिष्ठ चिकित्सकों की ओपीडी में मौजूदगी सुनिश्चित कराई जा रही है। ओपीडी तथा अन्य स्थानों पर जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार को देखते हुए करीब 150 इंटर्न, सभी 90 सीनियर रेजीडेंट था सौ नॉन रेजिडेंट डॉक्टरों को अस्पताल ड्यूटी में लगाया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि मरीजों को परेशानी न हो। ऐसी शिकायत भी नहीं है। 

जूनियर डॉक्टर आंदोलित, समर्थन में सड़क पर उतरेंगे एमएमए के पदाधिकारी, सदस्य
एएमए ने आंदोलित जूनियर डॉक्टरों की मांग पूरी न होने पर दो दिन बाद उनके साथ सड़क पर उतरकर संघर्ष करने का एलान किया है। वहीं दूसरी ओर जूनियर डॉक्टरों ने दिल्ली में गिरफ्तार साथियों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और अन्य मांगों के पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही है। आंदोलित डॉक्टरों ने बुधवार को भी कार्य बहिष्कार के साथ धरना, प्रदर्शन जारी रखा।

वहीं दूसरी तरह इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के अध्यक्ष डॉ. सुजीत सिंह, सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता ने जूनियर डॉक्टरों को अपना समर्थन देने की बात दोहराई। पदाधिकारियों ने एएमए की बैठक के माध्यम से सरकार से अपील की है कि आंदोलित डॉक्टरों की इस जायज मांग पर तुरंत निर्णय लिया जाए। पदाधिकारियों ने दिल्ली में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई अभद्रता और गिरफ्तारी की निंदा भी की है। जूनियर डॉक्टरों को भरोसा दिलाया गया कि एएमए उनके साथ है। 

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