फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Job for 32 years without prescribed qualification, suspended three days before retirement

हाईकोर्ट : निर्धारित योग्यता के बिना 32 वर्ष तक नौकरी, सेवानिवृत्ति के तीन दिन पहले हुए निलंबित

Fri, 08 Mar 2024 02:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 08 Mar 2024 02:25 PM IST
सार

न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की कोर्ट ने याची को दिया गया वेतन तथा अन्य वित्तीय लाभ नहीं वसूलने का आदेश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी। याची की ओर से अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी और विभाग की ओर से शासकीय अधिवक्ता एलएम सिंह ने पक्ष रखा।

विज्ञापन
Job for 32 years without prescribed qualification, suspended three days before retirement
कोर्ट (प्रतीकात्मक) - फोटो : istock

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर में सहायक अध्यापक के पद पर 32 वर्ष तक कार्य करने वाले शिक्षक को पद के लिए योग्य न मानते हुए बीएसए के आदेश में हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि यह साबित नहीं हो पाया कि याची ने कोई धोखाधड़ी की है। ऐसे में उससे वर्षो का वेतन वसूलना अन्याय होगा।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की कोर्ट ने याची को दिया गया वेतन तथा अन्य वित्तीय लाभ नहीं वसूलने का आदेश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी। याची की ओर से अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी और विभाग की ओर से शासकीय अधिवक्ता एलएम सिंह ने पक्ष रखा। मामले में याची शिवदत्त शर्मा, बड़ागांव खास, बुलंदशहर के रहने वाले हैं। याची पिता की मृत्यु पर मृतक आश्रित कोटे से जूनियर हाईस्कूल, बड़ागांव, अरनिया में चौकीदार के पद पर नियुक्त हुआ। इस दौरान अवैतनिक अवकाश लेकर बीएड किया।
विज्ञापन


फिर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश पर परिषदीय अध्यापकों की नियुक्ति/पदोन्नति समिति की ओर से वह प्राइमरी स्कूल बादौली , दनकौर, बुलंदशहर में सहायक अध्यापक नियुक्त हुए। तकरीबन 32 वर्ष तक नौकरी के बाद सेवानिवृत्ति की तिथि 31 मार्च, 2019 से कुछ माह पहले वह प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर, पहाड़गढ़ी में प्रधानाचार्य के पद पर थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसी दौरान 21 दिसबंर 2018 को खंड शिक्षा अधिकारी अरनिया ने नोटिस दिया कि उन्होंने मृतक आश्रित के रूप में प्रथम नियुक्ति को छिपाते हुए सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति ली। जांच पड़ताल के बाद बीएसए ने याची की नियुक्ति को निरस्त कर दिया।

फिर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कहा, चौकीदार के पद से कब त्याग पत्र दिया और किस प्रक्रिया के अंतर्गत परिषदीय अध्यापकों की नियुक्ति/पदोन्नति समिति ने उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दी, इसका कोई साक्ष्य नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि सहायक अध्यापक पद की योग्यता बीटीसी है, जो याचिकाकर्ता के पास नहीं है। ऐसे में वह सहायक अध्यापक पद के लिए योग्य नहीं था. लेकिन वेतन की वसूली न करने का आदेश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed