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जवाहर पंडित हत्याकांड केस वापसी मामला में करवरिया को खुद बहस करने की अनुमति नहीं
Tue, 05 Mar 2019 01:13 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 05 Mar 2019 01:13 AM IST
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हाई कोर्ट
जवाहर पंडित हत्याकांड का मुकदमा वापस लेने की अनुमति देने से एडीजे कोर्ट के इंकार के बाद राज्य सरकार और उदयभान करवरिया ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर एडीजे के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उदयभान ने अपनी याचिका पर खुद बहस करने की कोर्ट से अनुमति मांगी थी। इस पर अदालत ने कहा है कि करवरिया इससे पहले भी दर्जनों याचिकाएं दाखिल कर चुके हैं और हर बार उन्होंने अधिवक्ताओं की सेवाएं ली हैं। उनकी पत्नी विधायक हैं। उनको अधिवक्ता के माध्यम से ही पक्ष रखना चाहिए। कोर्ट दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के लिए मामला मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया है।
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याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा सुनवाई कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और एजीए एके संड ने पक्ष रखा। अधिवक्ता स्वाती अग्रवाल ने विपक्षी विजमा यादव की ओर से वकालतनामा प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा है। इससे पूर्व प्रदेश सरकार ने जवाहर हत्याकांड का मुकदमा करवरिया बंधुओं पर से उठाने का निर्णय लिया था। अभियोजन ने इसकी अनुमति देने के लिए मामले की सुनवाई कर रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र के समक्ष अर्जी प्रस्तुत की थी।
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अभियोजन का मामना है कि इस मुकदमे में अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं है। चश्मदीद गवाहों के बयान विश्वसनीय नहीं हैं और अभियुक्तगण जनप्रतिनिधि हैं। लोक हित में मुकदमा वापसी जरूरी है। एडीजे ने मुकदमा वापसी की अनुमति देने से इंकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी थी। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार और करवरिया की ओर से याचिका दाखिल की गई है। मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित पीठ अब इस पर सुनवाई करेगी।
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