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हाईकोर्ट : एससीएसटी एक्ट में समन जारी करने के आदेश पर सुनवाई करना सही, सीआरपीसी में है प्रावधान

Tue, 25 Apr 2023 09:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 25 Apr 2023 09:47 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम- 1989 के तहत एक अपराध के लिए अभियुक्तों को समन जारी करने के आदेश को सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दी गई चुनौती पर सुनवाई हो सकती है।

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It is correct to hear the order of issuing summons in the SCST Act
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम- 1989 के तहत एक अपराध के लिए अभियुक्तों को समन जारी करने के आदेश को सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दी गई चुनौती पर सुनवाई हो सकती है। कोर्ट ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के बी वेंकटेश्वरन केस का हवाला दिया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णयों में एससीएसटी एक्ट के तहत आपराधिक मामले में जारी समन पर 482 के तहत सुनवाई योग्य माना है। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने देवेंद्र यादव व सात अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एससीएसटी अधिनियम से उत्पन्न होने वाली आपराधिक कार्यवाही को सीआरपीसी की धारा 482 के अंतर्गत रद्द किया जा सकता है। मामले में याचियों ने कानपुर नगर सत्र न्यायालय के विशेष न्यायाधीश के समन आदेश को चुनौती दी थी। याची की ओर से कहा गया कि सत्र न्यायाधीश ने समन जारी करते हुए न्यायिक विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। सीआरपीसी में अपेक्षित अनिवार्य जांच के बिना आदेश पारित कर दिया। हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध किया।

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मामला कानपुर नगर से जुड़ा है। पक्षकार गीता देवी याचियों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज करा चुकी थी लेकिन उसमें एससीएसटी एक्ट नहीं लगाया गया था। उसने एससीएसटी में पहले भी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रयास किया था लेकिन वह सफल नहीं हुई थी। उसने 156(3) के तहत परिवाद दर्ज कराया। विशेष न्यायाधीश ने 19 नवंबर 2022 को सभी याचियों के खिलाफ समन जारी कर दिया।

याचियों ने उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट के सामने प्रश्न था कि क्या कोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के अंतर्गत एससीएसटी अधिनियम में जारी समन पर सुनवाई कर उसे रद्द कर सकता है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एससीएसटी एक्ट में जारी समन आदेश पर सुनवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कानपुर नगर विशेष सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित समन आदेश को रद्द कर दिया।

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