खेल : जांच सरकारी और प्रसव निजी अस्पताल में, ज्यादा कमीशन के लिए निजी अस्पताल में प्रसव करा रहीं आशा
आधा दर्जन से अधिक सीएचसी हैं, जहां पर स्थिति निराशाजनक है। स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में भी प्रसव का स्तर गिरा है। जिले में 900 से अधिक है निजी अस्पताल हैं, लेकिन 130 ही स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर प्रसव की जानकारी साझा कर रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी करता है।
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जननी सुरक्षा योजना के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। गर्भवती की सारी जांचें सरकारी संस्थानों में होती है,लेकिन ज्यादा कमीशन के लालच में आशा निजी अस्पतालों ले जाकर प्रसव करा रही हैं। आधा दर्जन से अधिक सीएचसी हैं, जहां पर स्थिति निराशाजनक है। स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में भी प्रसव का स्तर गिरा है। जिले में 900 से अधिक है निजी अस्पताल हैं, लेकिन 130 ही स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर प्रसव की जानकारी साझा कर रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी करता है।
हाल ही में डीएम ने दोषी आशाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए। गर्भवती का जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन करा कराया जाता है। साथ ही प्रसव से पूर्व होने वाली प्रत्येक तीसरे माह की जांचें भी सरकारी संस्थान में होती है, लेकिन प्रसव निजी अस्पताल में करा दिया जाता है। इस प्रकार के एक दो नहीं, बल्कि हजारों केस हैं।
योजना के तहत सरकारी व प्राइवेट संस्थानों को 50-50 फीसदी प्रसव अपने यहां कराने का लक्ष्य दिया जाता है। सरकारी व प्राइवेट सभी को प्रसव की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर देनी होती है। वर्ष 2023 में 65 हजार का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 21 सीएचसी व शहर के तीनों अस्पतालों को मिलाकर 40 हजार प्रसव दर्ज किए जा सके।
वर्ष 2022 की अपेक्षा 2023 में आई गिरावट
क्र. सं. सीएचसी व अस्पताल लक्ष्य 2022 व 2023 तीन माह में प्रसव (2022) तीन माह में प्रसव (2023) गिरावट
1- जसरा 2418 1939 1809 130
2- करछना 3216 2449 2340 109
3- सैदाबाद 3456 1969 1908 61
4- रामनगर 2779 1569 1527 42
5- सोरांव 3436 1691 1660 31
6- स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय 5802 1211 1131 80
जननी सुरक्षा योजना महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को लेकर है। ऐसे में जो आशाएं सरकारी की जगह निजी अस्पतालों में प्रसव करवा रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया जाएगा कि वह प्रसव संबंधित जानकारी साझा करें। - डॉ. आशु पांडेय, सीएमओ प्रयागराज