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फेल होने के डर से इंटर के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान
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Inter student hanged himself for fear of failure
- फोटो : KAUSHAMBI
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फेल होने के डर से इंटर के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान
सुसाइड नोट भी लिखा, रिजल्ट में था उत्तीर्ण
आईआईटी की तैयारी कर रहा था, कोटा से लौटा था
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल (कौशाम्बी)। यूपी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने से पहले एक इंटर के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। पिपरी कोतवाली क्षेत्र के तिल्हापुर मोड़ में रहने वाले छात्र को परीक्षा में फेल होने का भय था, इसी आशंका में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। शनिवार को जब रिजल्ट आया तो छात्र उत्तीर्ण था। खुदकुशी करने से पहले छात्र ने सुसाइड नोट लिखा और मोबाइल पर वाइस रिकार्डिंग भी करके छोड़ गया।
तिल्हापुर मोड़ निवासी राकेश बाबू वर्मा ने अपने घर पर ही ज्वैलरी की दुकान खोल रखी है। उनका बेटा हिमांशु वर्मा (17) इंटरमीडिएट का छात्र था। साथ ही वह कोटा में रहकर आईआईटी की तैयारी भी करता था। हिमांशु ने इसी साल इंटर की परीक्षा दी थी। कोरोना संक्रमण के चलते वह मई में कोटा से घर लौटा था। रिजल्ट आने से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार रात उसने अपने कमरे में फांसी लगा ली। सुबह हिमांशु काफी देर तक नहीं उठा तो परिजन परेशान हो गए। खिड़की से झांकने पर हिमांशु को फंदे से लटकता देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच की। दरवाजा तोड़कर छात्र के शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से पीड़ित परिवारीजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
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कोटा से लौटने के बाद गुमसुम रहता था हिमांशु
चायल। परिजनों ने बताया कि कोटा से लौटने के बाद हिमांशु काफी गुमसुम रहता था। 14 दिन वह घर के ऊपर बने कमरे में क्वारंटीन रहा। इसके बाद भी इसी कमरे में रहता था। इसी कमरे में उसने फांसी लगाई। हालांकि हिमांशु ने परिवारीजनों को उदासी का कोई कारण नहीं बताया। शुक्रवार रात करीब एक बजे हिमांशु ने मां से मांगकर खाना खाया था। माना जा रहा है कि खाने के बाद उसने खुदकुशी की।
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सुसाइड नोट में लिखा ...
‘सॉरी पापा-मम्मी, भइया, शालू, गोलकी। मैं अच्छा इंसान नहीं बन सका। आखिरकार मैं हार गया और मैं ये कदम उठाने जा रहा हूं। मैंने आजतक अपने बारे में नहीं बताया। पर, मेरे फोन में एक रिकार्डिंग है उसे सुन लेना प्लीज। और हो सके तो मुझे माफ कर देना। प्लीज मैं एक अच्छा इंसान नहीं बन पाया। मुझे अपने आप से नफरत है। आई हेट माई सेल्फ। थैंक यू पापा एंड मम्मी, मुझे अच्छी लाइफ देने के लिए’।
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रिकार्डिंग के प्रमुख अंश
तकरीबन 12 मिनट की वाइस रिकार्डिंग में हिमांशु ने कहा है कि मैं जिस लिए बाहर (कोटा) गया था वो कर नहीं पाया। दो साल से कोटा में था, वहां भी मेरे पेपर खराब ही हुए। मुझे आता था फिर भी इंटर के इम्तिहान में मैंने कॉपी में कुछ नहीं लिखा। पता है कि फेल हो जाऊंगा फिर किसी को मुंह नहीं दिखा सकूंगा।
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इनका कहना है
छात्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुसाइड नोट और उसका मोबाइल जांच के लिए रख लिया गया है। घटना की जांच कराई जा रही है।
विनोद कुमार सिंह-इंस्पेक्टर, पिपरी
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सुसाइड नोट भी लिखा, रिजल्ट में था उत्तीर्ण
आईआईटी की तैयारी कर रहा था, कोटा से लौटा था
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल (कौशाम्बी)। यूपी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने से पहले एक इंटर के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। पिपरी कोतवाली क्षेत्र के तिल्हापुर मोड़ में रहने वाले छात्र को परीक्षा में फेल होने का भय था, इसी आशंका में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। शनिवार को जब रिजल्ट आया तो छात्र उत्तीर्ण था। खुदकुशी करने से पहले छात्र ने सुसाइड नोट लिखा और मोबाइल पर वाइस रिकार्डिंग भी करके छोड़ गया।
तिल्हापुर मोड़ निवासी राकेश बाबू वर्मा ने अपने घर पर ही ज्वैलरी की दुकान खोल रखी है। उनका बेटा हिमांशु वर्मा (17) इंटरमीडिएट का छात्र था। साथ ही वह कोटा में रहकर आईआईटी की तैयारी भी करता था। हिमांशु ने इसी साल इंटर की परीक्षा दी थी। कोरोना संक्रमण के चलते वह मई में कोटा से घर लौटा था। रिजल्ट आने से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार रात उसने अपने कमरे में फांसी लगा ली। सुबह हिमांशु काफी देर तक नहीं उठा तो परिजन परेशान हो गए। खिड़की से झांकने पर हिमांशु को फंदे से लटकता देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच की। दरवाजा तोड़कर छात्र के शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से पीड़ित परिवारीजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
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कोटा से लौटने के बाद गुमसुम रहता था हिमांशु
चायल। परिजनों ने बताया कि कोटा से लौटने के बाद हिमांशु काफी गुमसुम रहता था। 14 दिन वह घर के ऊपर बने कमरे में क्वारंटीन रहा। इसके बाद भी इसी कमरे में रहता था। इसी कमरे में उसने फांसी लगाई। हालांकि हिमांशु ने परिवारीजनों को उदासी का कोई कारण नहीं बताया। शुक्रवार रात करीब एक बजे हिमांशु ने मां से मांगकर खाना खाया था। माना जा रहा है कि खाने के बाद उसने खुदकुशी की।
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सुसाइड नोट में लिखा ...
‘सॉरी पापा-मम्मी, भइया, शालू, गोलकी। मैं अच्छा इंसान नहीं बन सका। आखिरकार मैं हार गया और मैं ये कदम उठाने जा रहा हूं। मैंने आजतक अपने बारे में नहीं बताया। पर, मेरे फोन में एक रिकार्डिंग है उसे सुन लेना प्लीज। और हो सके तो मुझे माफ कर देना। प्लीज मैं एक अच्छा इंसान नहीं बन पाया। मुझे अपने आप से नफरत है। आई हेट माई सेल्फ। थैंक यू पापा एंड मम्मी, मुझे अच्छी लाइफ देने के लिए’।
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रिकार्डिंग के प्रमुख अंश
तकरीबन 12 मिनट की वाइस रिकार्डिंग में हिमांशु ने कहा है कि मैं जिस लिए बाहर (कोटा) गया था वो कर नहीं पाया। दो साल से कोटा में था, वहां भी मेरे पेपर खराब ही हुए। मुझे आता था फिर भी इंटर के इम्तिहान में मैंने कॉपी में कुछ नहीं लिखा। पता है कि फेल हो जाऊंगा फिर किसी को मुंह नहीं दिखा सकूंगा।
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इनका कहना है
छात्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुसाइड नोट और उसका मोबाइल जांच के लिए रख लिया गया है। घटना की जांच कराई जा रही है।
विनोद कुमार सिंह-इंस्पेक्टर, पिपरी