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लापरवाही : शिशु को दो बूंद वैक्सीन पिलाने के बजाय लगा दिया इंजेक्शन, हालत बिगड़ी

Mon, 09 Dec 2024 12:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 09 Dec 2024 12:51 PM IST
सार

मुख्यमंत्री, स्वास्थ्यमंत्री, आईएमए अध्यक्ष सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ऑनलाइन भेजी शिकायत में सिविल लाइंस निवासी अमृता मित्रा ने बताया कि उनके दो माह के शिशु को रोटा वायरस की वैक्सीन लगानी थी।

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Instead of giving two drops of vaccine, the child was given an injection, his condition worsened
सृजन अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सृजन अस्पताल में शिशु (दो माह) के उपचार में लापरवाही सामने आई है। रोटावायरस वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पताल लाए गए शिशु को मुंह से ड्राप पिलाने की जगह उसे इंजेक्शन रूप में लगा दिया गया। यह देख जब परिजनों ने आपत्ति जताई तो अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों ने गलती स्वीकार करने की जगह लीपापोती शुरू कर दी। इस आशय की शिकायत शिशु के माता-पिता की ओर से मंत्रियों और अधिकारियों से की गई है।

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मुख्यमंत्री, स्वास्थ्यमंत्री, आईएमए अध्यक्ष सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ऑनलाइन भेजी शिकायत में सिविल लाइंस निवासी अमृता मित्रा ने बताया कि उनके दो माह के शिशु को रोटा वायरस की वैक्सीन लगानी थी। इसके लिए वह पति के साथ एल्गिन रोड सिविल लाइंस स्थित पास के सृजन अस्पताल में गईं। यहां अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं था। ऐसे में उन्होंने हेड नर्स को रोटा वायरस वैक्सीन लगाने के लिए कहा।
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आरोप है कि नर्स ने शिशु को अंदर ले जाकर वैक्सीन मुंह से पिलाने की जगह उसे इंजेक्शन की तरह लगा दिया। यह देख जब उन्होंने आपत्ति जताई तो स्वास्थ्यकर्मियों ने लीपापोती शुरू कर दी। उन्होंने बच्चे पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होने का हवाला दिया, लेकिन थोड़ी देर में ही बच्चे को तेज बुखार हो गया। इससे परेशान परिजनों ने जब अस्पताल के चिकित्सकों से संपर्क करने का प्रयास किया तो स्वास्थ्यकर्मियों ने हाथ खड़े कर दिये। परेशान परिजन दूसरे अस्पतालों के बालरोग विशेषज्ञों से सलाह लेते रहे।
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इस दाैरान अन्य चिकित्सकों ने भी लापरवाही पर हैरानी जताई। परिजनों ने इसे शिशु की जान से खिलवाड़ बताते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग उठाई है। दूसरी ओर जब इस संबंध में अस्पताल के निदेशक और चिकित्सक बी.बी. अग्रवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो सुबह अस्पताल आकर मिलने की बात कही गई।

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