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एपीएस परीक्षा कराने वालों से पूछताछ शुरू
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Mon, 22 Oct 2018 02:05 AM IST
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कर्मचारी चयन आयोग
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सीबीआई ने अपर निजी सचिव परीक्षा-2010 से जुड़े कर्मचारियों और अफसरों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) और कार्मिक विभाग के कुछ अफसरों एवं कर्मचारियों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। साथ ही कई अफसरों एवं कर्मचारियों को पूछताछ के लिए सीबीआई मुख्यालय तलब किया गया है। इसके साथ ही परीक्षा से जुड़े आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी का बयान भी सीबीआई ने दर्ज किया है।
सीबीआई को प्रारंभिक जांच में ही एपीएस परीक्षा-2010 में गड़बड़ी के कई सुराग मिल चुके है। तकनीकी अड़चनों के कारण सीबीआई आधिकारिक रूप से इस परीक्षा की जांच नहीं कर पा रही थी लेकिन शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई ने परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज आयोग से तलब कर लिए है और दस्तावेजों की जांच भी शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि आयोग में जिन अनुभाग ने यह परीक्षा कराई थी, वहां तैनात अफसरों और कर्मचारियों को सीबीआई मुख्यालय तलब कर लिया गया है। इनमें से कुछ कर्मचारियों और अफसरों से पूछताछ भी हो चुकी है और बाकी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक कार्मिक विभाग के उस अनुभाग के कर्मचारियों और अफसरों को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है, जहां परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों से संबंधित रिकार्ड रखे गए हैं।
सीबीआई को शिकायत मिली है कि एपीएस परीक्षा-2010 के ज्यादातर चयनित अभ्यर्थी शासन स्तर के कुछ अफसरों और आयोग के कुछ अफसरों एवं कर्मचारियों के करीबी रिश्तेदार हैं। इसके अलावा परीक्षा के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए तमाम अभ्यर्थियों से बैक डेट में ट्रिपल-सी के दस्तावेज जमा कराए गए। साथ ही टाइप और शॉट हैंड की परीक्षा में मानक से कम अंक पाने के बावजूद कई अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया गया। परीक्षा कई चरणों में हुई थी, सो सीबीआई अब हर चरण की परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। सूत्रों का कहना है कि अभिलेखों की जांच और परीक्षा से जुड़े लोगों से पूछताछ के बाद सीबीआई मामले में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है।
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सीबीआई को प्रारंभिक जांच में ही एपीएस परीक्षा-2010 में गड़बड़ी के कई सुराग मिल चुके है। तकनीकी अड़चनों के कारण सीबीआई आधिकारिक रूप से इस परीक्षा की जांच नहीं कर पा रही थी लेकिन शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई ने परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज आयोग से तलब कर लिए है और दस्तावेजों की जांच भी शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि आयोग में जिन अनुभाग ने यह परीक्षा कराई थी, वहां तैनात अफसरों और कर्मचारियों को सीबीआई मुख्यालय तलब कर लिया गया है। इनमें से कुछ कर्मचारियों और अफसरों से पूछताछ भी हो चुकी है और बाकी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक कार्मिक विभाग के उस अनुभाग के कर्मचारियों और अफसरों को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है, जहां परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों से संबंधित रिकार्ड रखे गए हैं।
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सीबीआई को शिकायत मिली है कि एपीएस परीक्षा-2010 के ज्यादातर चयनित अभ्यर्थी शासन स्तर के कुछ अफसरों और आयोग के कुछ अफसरों एवं कर्मचारियों के करीबी रिश्तेदार हैं। इसके अलावा परीक्षा के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए तमाम अभ्यर्थियों से बैक डेट में ट्रिपल-सी के दस्तावेज जमा कराए गए। साथ ही टाइप और शॉट हैंड की परीक्षा में मानक से कम अंक पाने के बावजूद कई अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया गया। परीक्षा कई चरणों में हुई थी, सो सीबीआई अब हर चरण की परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। सूत्रों का कहना है कि अभिलेखों की जांच और परीक्षा से जुड़े लोगों से पूछताछ के बाद सीबीआई मामले में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है।
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