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बेखौफ हुए अपराधी, पांच दिन में 11 हत्याएं
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Innocent criminals, 11 murders in five days
10 दिन के भीतर 11 हत्याओं से जिले में सनसनी
मृतकों में पांच महिलाएं, दो दिनों में ही हुईं चार वारदातें
10 मामलों में हत्यारे पकड़ से दूर, पुलिसिंग पर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जिले में एक के बाद एक हो रही हत्या की वारदातों से सनसनी है। हाल यह है कि पिछले 10 दिनों के भीतर ही जिले में हत्या की 11 वारदातें हो चुकी हैं। इसमें से 10 तो महज पांच दिन के भीतर अंजाम दी गईं। बता दें कि मृतकों में पांच महिलाएं हैं। लगातार हो रही वारदातों से पुलिसिंग के दावे भी सवालों के घेरे में हैं।
पुलिस के लिए साल का पहला दिन ही मुफीद नहीं रहा। दारागंज में 20 वर्षीय युवती की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव संगम में फेंककर हत्यारे भाग निकले। इसके बाद पांच जनवरी सोरांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां एक ही परिवार के पांच लोेगों की नृशंस हत्या कर दी गई। आठ जनवरी को खुल्दाबाद में घर के भीतर दिनदहाड़े अधिवक्ता को रॉड से हमलाकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। नौ जनवरी को फूलपुर में एक खौफनाक वारदात में छह साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद गर्दन रेतकर मार डाला गया। पुलिस को सांस लेने की भी फुरसत नहीं मिली और शुक्रवार को क्रमश: बारा, नैनी व औद्योगिक क्षेत्र में एक के बाद एक तीन लोगों की हत्या कर दी गई। बड़ी बात यह है कि पुलिस न ही अब तक सोरांव में हुए जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर सकी है, न ही खुल्दाबाद में वकील की हत्या के मामले का। दारागंज में युवती की हत्या करने वाले भी पकड़ से दूर हैं। शुक्रवार को सामने आईं तीन वारदातों में भी पुलिस के हाथ खाली हैं। सोरांव व वकील हत्याकांड में तो क्राइम ब्रांच, स्वाट की भी टीमें लगी हैं। हालांकि वह भी अब तक नाकाम ही रही हैं।
बिना प्रभारियों के चल रहीं चौकियां-थाने
जानकारों का कहना है कि कई थानों में लंबे समय से प्रभारियों की तैनाती न होने की वजह से भी दिक्कतें आ रही हैं। सरायइनायत, सरायममरेज, हंडिया व उतरांव थाने बिना प्रभारियों के चल रहे हैं। इसी तरह कई अहम चौकियों में भी काम सेकंड अफसरों के भरोसे चल रहा है। धूमनगंज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में राजरूपपुर, बम्हरौली, नीवा जार्जटाउन में अल्लापुर जैसी चौकियों में लंबे समय से प्रभारी तैनात नहीं है।
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मैं अभी छुट्टी से लौटा हूं। फिर भी, सभी मामलोें में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। जो भी वारदातें अनसुलझी हैं, उनका जल्द ही अनावरण किया जाएगा।
सुजीत कुमार पांडेय, एडीजी जोन
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मृतकों में पांच महिलाएं, दो दिनों में ही हुईं चार वारदातें
10 मामलों में हत्यारे पकड़ से दूर, पुलिसिंग पर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जिले में एक के बाद एक हो रही हत्या की वारदातों से सनसनी है। हाल यह है कि पिछले 10 दिनों के भीतर ही जिले में हत्या की 11 वारदातें हो चुकी हैं। इसमें से 10 तो महज पांच दिन के भीतर अंजाम दी गईं। बता दें कि मृतकों में पांच महिलाएं हैं। लगातार हो रही वारदातों से पुलिसिंग के दावे भी सवालों के घेरे में हैं।
पुलिस के लिए साल का पहला दिन ही मुफीद नहीं रहा। दारागंज में 20 वर्षीय युवती की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव संगम में फेंककर हत्यारे भाग निकले। इसके बाद पांच जनवरी सोरांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां एक ही परिवार के पांच लोेगों की नृशंस हत्या कर दी गई। आठ जनवरी को खुल्दाबाद में घर के भीतर दिनदहाड़े अधिवक्ता को रॉड से हमलाकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। नौ जनवरी को फूलपुर में एक खौफनाक वारदात में छह साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद गर्दन रेतकर मार डाला गया। पुलिस को सांस लेने की भी फुरसत नहीं मिली और शुक्रवार को क्रमश: बारा, नैनी व औद्योगिक क्षेत्र में एक के बाद एक तीन लोगों की हत्या कर दी गई। बड़ी बात यह है कि पुलिस न ही अब तक सोरांव में हुए जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर सकी है, न ही खुल्दाबाद में वकील की हत्या के मामले का। दारागंज में युवती की हत्या करने वाले भी पकड़ से दूर हैं। शुक्रवार को सामने आईं तीन वारदातों में भी पुलिस के हाथ खाली हैं। सोरांव व वकील हत्याकांड में तो क्राइम ब्रांच, स्वाट की भी टीमें लगी हैं। हालांकि वह भी अब तक नाकाम ही रही हैं।
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बिना प्रभारियों के चल रहीं चौकियां-थाने
जानकारों का कहना है कि कई थानों में लंबे समय से प्रभारियों की तैनाती न होने की वजह से भी दिक्कतें आ रही हैं। सरायइनायत, सरायममरेज, हंडिया व उतरांव थाने बिना प्रभारियों के चल रहे हैं। इसी तरह कई अहम चौकियों में भी काम सेकंड अफसरों के भरोसे चल रहा है। धूमनगंज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में राजरूपपुर, बम्हरौली, नीवा जार्जटाउन में अल्लापुर जैसी चौकियों में लंबे समय से प्रभारी तैनात नहीं है।
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मैं अभी छुट्टी से लौटा हूं। फिर भी, सभी मामलोें में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। जो भी वारदातें अनसुलझी हैं, उनका जल्द ही अनावरण किया जाएगा।
सुजीत कुमार पांडेय, एडीजी जोन