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घायल युवक की अस्पताल में मौत, आरोपी गिरफ्तार

Wed, 10 Feb 2021 01:26 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 01:26 AM IST
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Injured youth dies in hospital, accused arrested
Injured youth dies in hospital, accused arrested - फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। शाहगंज के याकूबगंज मोहल्ले में दिनदहाड़े हुए हमले में घायल आबिद 22 आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। उधर पुलिस ने उसे गोली मारने के आरोपी अरमान को गिरफ्तार कर लिया। सूचना पर सैकड़ों लोग थाने के बाहर जुट गए जिस पर पुलिस किसी तरह बचाकर उसे कोर्ट ले गई जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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सात फरवरी को घटना के बाद से ही अतरसुइया निवासी आबिद की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। एक दिन पहले डॉम्टरों ने आपॅरेशन कर उसके सिर से दोनों गोलियां तो निकाल लीं लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। आखिरकार मंगलवार सुबह छह बजे के करीब उसने दम तोड़ दिया। उधर आरोपी अरमान की तलाश में जुटी पुलिस ने उसे कुछ घंटों बाद गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का कहना है कि उसे तड़के वाराणसी में तब पकड़ा गया जब वह मुंबई भागने की फिराक में था। थाने लाकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वारदात के बाद वह मोहत्सिमगंज व नैनी में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर चला गया था।
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वहां से सोमवार को निकलकर वाराणसी चला गया था और अब मुंबई में अपनी बहन के घर जाने की फिराक में था। उधर आरोपी के पकड़े जाने की खबर पर मृतक पक्ष के सैकड़ों लोग थाने के बाहर जुट गए जिस पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि किसी तरह भीड़ से बचाकर उसे बाहर निकालकर कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। जहां रिमांड मंजूर होने पर उसे जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने इसे 30 हजार में करेली के एक युवक से बहुत पहले खरीदा था।
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जवान बेटे के जनाजे को बुजुर्ग पिता ने दिया कंधा, नम हुई आंखें
उधर जवान बेटे की मौत पर पिता राजू बिलखता रहा। नियति का क्रूर खेल कि छह महीने के भीतर ही उसे अपनी दूसरी जवान संतान के जनाजे को कंधा देना पड़ा। छह महीने पहले उसकी बेटी सलमा की बीमारी से मौत हो गई थी। उसके चार बच्चों में आबिद सबसे छोटा था। उसकी मौत पर पिता के साथ ही अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। जिसे देखकर वहां मौजूद अन्य लोगों की भी आंखें भर आईं। दोपहर बाद चकिया कब्रिस्तान में शव के सुपुर्दे खाक किया गया।
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