{"_id":"5dcb079b8ebc3e5b3c467cc4","slug":"information-on-non-implementation-of-economic-reservation-in-tet-2019-allahabad-news-ald259998142","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीईटी 2019 में आर्थिक आरक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीईटी 2019 में आर्थिक आरक्षण
विज्ञापन
टीईटी 2019 में आर्थिक आरक्षण
लागू न करने पर जानकारी तलब
एससीएसटी, ओबीसी और अन्य आरक्षित
श्रेणी को दी गई अंकों में पांच प्रतिशत की छूट
प्रयागराज। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2019 में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं देने पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी तलब की है। इस विसंगति को लेकर विनय कुमार पांडेय और अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने प्रदेश सरकार को 14 नवंबर मामले की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
याची के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि संसद ने 103वें संविधान संशोधन के जरिये आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की है। इसकी अधिसूचना 18 फरवरी 2019 को जारी हो चुकी है और कानून प्रभाव में आ चुका है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने टीईटी 2019 के लिए जारी विज्ञापन में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं की है, जबकि एससीएसटी, ओबीसी और विशेष आरक्षित वर्गों को न्यूनतम अंकों में पांच प्रतिशत की छूट दी गई है।
सरकार का यह कदम 18 फरवरी की अधिसूचना के विपरीत है। याची का कहना है कि टीईटी 2019 की आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 20 नवंबर है। इसे देखते हुए कोर्ट ने प्रदेश सरकार के अधिवक्ता को 14 नवंबर तक मामले की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। याचिका पर 14 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
लागू न करने पर जानकारी तलब
एससीएसटी, ओबीसी और अन्य आरक्षित
श्रेणी को दी गई अंकों में पांच प्रतिशत की छूट
प्रयागराज। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2019 में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं देने पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी तलब की है। इस विसंगति को लेकर विनय कुमार पांडेय और अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने प्रदेश सरकार को 14 नवंबर मामले की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
याची के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि संसद ने 103वें संविधान संशोधन के जरिये आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की है। इसकी अधिसूचना 18 फरवरी 2019 को जारी हो चुकी है और कानून प्रभाव में आ चुका है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने टीईटी 2019 के लिए जारी विज्ञापन में आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं की है, जबकि एससीएसटी, ओबीसी और विशेष आरक्षित वर्गों को न्यूनतम अंकों में पांच प्रतिशत की छूट दी गई है।
विज्ञापन
सरकार का यह कदम 18 फरवरी की अधिसूचना के विपरीत है। याची का कहना है कि टीईटी 2019 की आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 20 नवंबर है। इसे देखते हुए कोर्ट ने प्रदेश सरकार के अधिवक्ता को 14 नवंबर तक मामले की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। याचिका पर 14 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।
विज्ञापन