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प्रयागराज : बर्ड वाचिंग कार्यशाला में दुर्लभ प्रजातियों के बारे में दी गई जानकारी

Mon, 18 Sep 2023 03:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 18 Sep 2023 03:53 PM IST
सार

डॉ. अर्पित बंसल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ दुर्लभ प्रजाति के कुछ पक्षी पाए जाते हैं, जिनके बारे में सही डाक्यूमेंटेशन करना बहुत जरूरी है, जिससे कि उनके संरक्षण में मदद मिले। इसी कड़ी में ईबर्ड.ओआरजी एक ऐसी प्रतिष्ठित ऑनलाइन वेबसाइट है, जिसमें बर्ड वाचर्स नियमित रूप से पक्षियों के विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानकारियां अपलोड कर सकते हैं।

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Information given about rare species in bird watching workshop.
पक्षियों की प्रजाति। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रयागराज में उत्तर प्रदेश की प्रथम बर्ड वाचिंग कार्यशाला बैंगलोर स्थित नामी संस्थान बर्ड काउंट इंडिया कलेक्टिव द्वारा आयोजित की गई, जिसमें लखनऊ, कानपुर व यूपी के अन्य शहरों से आए पक्षी प्रेमी व बर्ड वाचर्स ने हिस्सा लिया। शहर के प्रतिष्ठित प्रोफेशनल बर्ड वाचर्स से पक्षियों के डाक्यूमेंटेशन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह कार्यशाला डॉ. अर्पित बंसल एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक सर्जन व प्रख्यात पक्षी व वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर की देखरेख में आयोजित की गई, जिसमें शुआट्स के कुछ छात्र व शिक्षक भी शामिल हुए। 

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डॉ. अर्पित बंसल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ दुर्लभ प्रजाति के कुछ पक्षी पाए जाते हैं, जिनके बारे में सही डाक्यूमेंटेशन करना बहुत जरूरी है, जिससे कि उनके संरक्षण में मदद मिले। इसी कड़ी में ईबर्ड.ओआरजी एक ऐसी प्रतिष्ठित ऑनलाइन वेबसाइट है, जिसमें बर्ड वाचर्स नियमित रूप से पक्षियों के विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानकारियां अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा कौन से पक्षी किस प्रदेश में पाए जाते हैं व उनकी अनुमानित संख्या क्या है‚ इसकी भी जानकारी वेब साइट पर मिलती है।
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बताया कि ebird.org की मदद से ही मैं अपनी बर्डिंग ट्रिप बहुत ही कम समय में प्लान कर लेता हूं। इसका नतीजा यह रहा कि ebird.org की मदद से मुझे भारत में पाये जाने वाली 1120वीं प्रजाति की पक्षियों का फोटो खींचने का मौका मिला। इस तरह से मुझे ebird.org पर भारत में छठवां स्थान मिला, जिन्होंने 1100 से उपर पक्षियों के प्रजातियों की फोटो खींची है या उन्हें देखा है। इसलिए यह बहुत आवश्यक हो जाता है कि ebird.org पर नियमित रूप से पक्षी प्रेमी जानकारी साझा करें।

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विश्व में घटी है कई प्रजातियों की संख्या


अश्विन विश्वनाथन जो कि साइंटिस्ट है बर्ड काउंट इंडिया कलेक्टिव ने बताया कि कई प्रजातियों की पक्षियों की संख्या कम हुई है सिर्फ भारत में ही नहीं पूरे विश्व में। इसके लिए भारत ने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिससे कि पक्षियों की संख्या को स्थिर किया जा सके व इकोसिस्टम को इससे मदद मिले। इसी के तहत स्टेट ऑफ इंडिया बर्ड 2020 रिपोर्ट आई जो कि पक्षियों के संरक्षण में किए गए कार्यों का विश्लेषण करती है। इसी में पाया गया कि भारत में 101 प्रजाति के पक्षी ऐसे हैं जिनको तुरंत संरक्षण की जरूरत है। रिपोर्ट के अनुसार पक्षियों के प्राकृतिक आवास भी कम हुए हैं, जिससे कि रेप्टर‚ माईग्रेटरी शोरबर्ड आदि की संख्या भी कम हुई है।


मित्तल गाला जो कि बर्ड काउंट इंडिया में प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर हैं ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुछ ऐसी प्रजातियां हैं जिनका संरक्षण बहुत जरूरी हो गया है। यह प्रजातियां हैं इंडियन स्किमर्स‚ ब्लैक बेलीड टर्न‚ लिटिल टर्न आदि। यदि पक्षी प्रेमी या बर्ड वाचर्स नियमित रूप से ebird.org जैसी साइट पर उनके द्वारा देखी गई किसी प्रजाति के पक्षी के बारे में जानकारी साझा करते हैं तो उससे डाटा सांइटिस्ट को बहुत मदद मिलेगी। इससे उन्हें यह पता चलेगा कि कौन से पक्षी कहां पाए जा रहे हैं उनकी क्या संख्या है। उनकी ब्रीडिंग आदि की क्या आदतें हैं। यह सब जानकारी संरक्षण में मदद करेगी। इस दिशा में डॉ. अर्पित बंसल बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं।

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