{"_id":"5dcec4008ebc3e547e046867","slug":"indira-marathon-will-not-be-able-to-give-the-name-of-marathon-for-running-distance-below-standard","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराजः इंदिरा मैराथन में मानक से कम दूरी की दौड़ को नहीं दे सकेंगे मैराथन का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराजः इंदिरा मैराथन में मानक से कम दूरी की दौड़ को नहीं दे सकेंगे मैराथन का नाम
Fri, 15 Nov 2019 08:58 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 15 Nov 2019 08:58 PM IST
विज्ञापन
इंदिरा मैराथन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आने वाले दिनों में मानक से कम दूरी वाली दौड़ को आयोजक मैराथन का नहीं दे सकेंगे। इस तरह के आयोजनों को प्रतिबंधित करने के लिए नियमावली तैयार की जा रही है। मुंबई में आयोजित ऐसे ही एक मैराथन को प्रतिबंधित भी कर दिया गया है। मैराथन के लिए 42.195 किमी की दूरी निर्धारित है। इसके कई अन्य मानक भी हैं। इसके विपरीत कई संस्थाओं की ओर से पांच किमी, आठ किमी की दौड़ वाली प्रतियोगिताएं भी मैराथन के नाम से कराई जाती हैं। मैराथन के नाम पर धावकों से पंजीकरण शुल्क लिए जाने की शिकायत भी है। इस पर एथेलेटिक्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है।
इंदिरा मैराथन के सिलसिले में शुक्रवार को प्रयागराज आए एसोसिएशन के प्रदेश सचिव केपी श्रीवास्तव का कहना था कि मैराथन का एक मानक है लेकिन जगह-जगह होने वाली दौड़ को मैराथन कह दिया जा रहा है। इससे वास्तविक मैराथन की पहचान प्रभावित हो रही है। कंप्टीशन कमीशन ऑफ इंडिया में इस पर आपत्ति जताने के साथ ऐसे आयोजनों को प्रतिबंधित करने की मांग की गई है। इस मांग पर भारत सरकार की ओर से नियमावली भी बनाई जा रही है। उन्हाेंने बताया कि इसका प्रारूप तैयार हो गया है। नियमावली बनने के बाद मैराथन के नाम पर छोटी दौड़ वाली प्रतियोगिताओं को प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुंबई में इसी तरह की एक प्रतियोगिता पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है। सीडीओ प्रेम रंजन सिंह का कहना था कि कम दूरी वाली दौड़ प्रतियोगिताएं भी होनी चाहिए। यह आवश्यक है लेकिन आयोजन मैराथन के नाम पर नहीं होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखकर नियमावली बनाई जा रही है।
देश के पहले मैराथन में लगेगी 1500 लोगों की टीम
देश की सबसे पुरानी प्राइजमनी इंदिरा मैराथन की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 19 नवंबर को होने वाली प्रतियोगिता के लिए 1500 से अधिक अफसरों, कर्मचारियों तथा विभिन्न संस्थाओं की टीम लगाई गई है। सभी की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। मैराथन की शुरुआत आनंद भवन से सुबह 6.30 बजे होगी और चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में खत्म होगी।
विज्ञापन
सीडीओ प्रेम रंजन सिंह ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि मैराथन का आयोजन 35 वर्षों से लगातार जारी है। दौड़ के मार्ग, पुरस्कार की राशि आदि में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया है लेकिन पारदर्शिता के लिहाज से कई कदम उठाए गए हैं। मैराथन के प्रतिभागियों के लिए चिप रविवार को दिल्ली से आ जाएगी। 24 विशेषज्ञों की टीम पूरे दौड़ पर नजर रखेगी। इसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी। फिनिशिंग प्वाइंट पर स्थाई कैमरा होगा। क्रास कंट्री दौड़ पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मैराथन मार्ग पर 15 जगहों पर जलपान की व्यवस्था होगी। एंबुलेंस तथा चिकित्सकों की टीम धावकों के साथ रहेगी।
आगे चलने वाले धावकों के साथ पायलट भी चलता रहेगा। एथेलेटिक्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव केपी श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप होगी। भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन की ओर से राष्ट्रीय टीम के चयन में इस प्रतियोगिता को आधार बनाया जाता है। कई अन्य दृष्टि से भी यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिल तिवारी ने आयोजन तथा मार्ग के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्य अतिथि पर अभी फैसला नहीं
इंदिरा मैराथन में अब मात्र तीन दिन शेष हैं लेकिन आयोजन का मुख्य अतिथि कौन होगा यह अभी तय नहीं हो पाया है। 1985 में शुरू इस प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी शामिल हो चुके हैं। इनके अलावा कई अन्य केंद्रीय मंत्री भी आयोजन का रहे। आमतौर पर प्रदेश के खेलमंत्री मैराथन को हरी झंडी दिखाते रहे हैं लेकिन कुछ वर्ष से यह परंपरा भी टूटी है। इस वर्ष भी अभी तक मुख्य अतिथि का नाम तय नहीं हो सका है। सीडीओ का कहना था कि अपर मुख्य सचिव से वार्ता की जा रही है। कैबिनेट मंत्री या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी से उद्घाटन करया जाएगा।
प्रतियोगिता तथा पुरस्कार की राशि
खेल आयु वर्ग दूरी पुरस्कार की राशि (रुपये)
(किमी) प्रथम द्वितीय तृतीय सांत्वना
मैराथन (पुरुष) ओपेन 42.195 दो लाख एक लाख 75000 10000 (11 धावकों को)
मैराथन (महिला) ओपेन 42.195 दो लाख एक लाख 75000 10000 (11 धावकों को)
क्रास कंट्री (बालक) 15 से 20 आठ 10000 5000 3000 1000 (सात धावक)
क्रास कंट्री (बालिका) 15 से 20 आठ 10000 5000 3000 1000 (सात धावक)
वरिष्ठ पुरुष 45 से अधिक आठ 5000 3000 2000 1000 (सात धावक)
वरिष्ठ महिला 45 से अधिक चार 5000 3000 2000 1000 (सातधावक)
मैराथन का मार्ग
आनंद भवन से इलाहाबाद विश्वविद्यालय, मंडलायुक्त आवास, आर्मी रेडल ईगल स्टेडियम, महर्षि पतंजलि स्कूल से ट्रैफिक पुलिस लाइन, मेयोहाल, धोबीघाट, एजी ऑफिस, बार काउंसिल, इंदिरा गांधी चौराहा, पोलो ग्राउंड, हाईकोर्ट अंबेडकर चौराहा से बाएं पत्थर गिरजा घर, सुभाष चौराहा, सीएमपी डिग्री कालेज होते हुए नया यमुना पुल, महेवा गेट, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट, डीपीएस मार्ग अरैल घाट, फलहारी बाबा आश्रम, नया यमुना पुल से सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से चंद्रशेखर आजाद मुख्य गेट से प्रवेश करके मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में समाप्त होगी।
3250 धावकों ने कराया पंजीकरण
इंदिरा मैराथन के विभिन्न वर्ग में शुक्रवार शाम पांच बजे 3250 धावकों ने पंजीकरण कराया था। मैराथन पुरुष वर्ग में 63 तथा महिला में मात्र 13 धावकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। क्रास कंट्री बालक वर्ग में 2332 तथा बालिका वर्ग में 827 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वरिष्ठ पुरुष वर्ग में 11 तथा महिला वर्ग में चार ने पंजीकरण कराया है।
विज्ञापन
इंदिरा मैराथन के सिलसिले में शुक्रवार को प्रयागराज आए एसोसिएशन के प्रदेश सचिव केपी श्रीवास्तव का कहना था कि मैराथन का एक मानक है लेकिन जगह-जगह होने वाली दौड़ को मैराथन कह दिया जा रहा है। इससे वास्तविक मैराथन की पहचान प्रभावित हो रही है। कंप्टीशन कमीशन ऑफ इंडिया में इस पर आपत्ति जताने के साथ ऐसे आयोजनों को प्रतिबंधित करने की मांग की गई है। इस मांग पर भारत सरकार की ओर से नियमावली भी बनाई जा रही है। उन्हाेंने बताया कि इसका प्रारूप तैयार हो गया है। नियमावली बनने के बाद मैराथन के नाम पर छोटी दौड़ वाली प्रतियोगिताओं को प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुंबई में इसी तरह की एक प्रतियोगिता पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है। सीडीओ प्रेम रंजन सिंह का कहना था कि कम दूरी वाली दौड़ प्रतियोगिताएं भी होनी चाहिए। यह आवश्यक है लेकिन आयोजन मैराथन के नाम पर नहीं होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखकर नियमावली बनाई जा रही है।
विज्ञापन
देश के पहले मैराथन में लगेगी 1500 लोगों की टीम
देश की सबसे पुरानी प्राइजमनी इंदिरा मैराथन की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 19 नवंबर को होने वाली प्रतियोगिता के लिए 1500 से अधिक अफसरों, कर्मचारियों तथा विभिन्न संस्थाओं की टीम लगाई गई है। सभी की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। मैराथन की शुरुआत आनंद भवन से सुबह 6.30 बजे होगी और चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में खत्म होगी।
विज्ञापन
सीडीओ प्रेम रंजन सिंह ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि मैराथन का आयोजन 35 वर्षों से लगातार जारी है। दौड़ के मार्ग, पुरस्कार की राशि आदि में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया है लेकिन पारदर्शिता के लिहाज से कई कदम उठाए गए हैं। मैराथन के प्रतिभागियों के लिए चिप रविवार को दिल्ली से आ जाएगी। 24 विशेषज्ञों की टीम पूरे दौड़ पर नजर रखेगी। इसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी। फिनिशिंग प्वाइंट पर स्थाई कैमरा होगा। क्रास कंट्री दौड़ पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मैराथन मार्ग पर 15 जगहों पर जलपान की व्यवस्था होगी। एंबुलेंस तथा चिकित्सकों की टीम धावकों के साथ रहेगी।
आगे चलने वाले धावकों के साथ पायलट भी चलता रहेगा। एथेलेटिक्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव केपी श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप होगी। भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन की ओर से राष्ट्रीय टीम के चयन में इस प्रतियोगिता को आधार बनाया जाता है। कई अन्य दृष्टि से भी यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिल तिवारी ने आयोजन तथा मार्ग के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्य अतिथि पर अभी फैसला नहीं
इंदिरा मैराथन में अब मात्र तीन दिन शेष हैं लेकिन आयोजन का मुख्य अतिथि कौन होगा यह अभी तय नहीं हो पाया है। 1985 में शुरू इस प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी शामिल हो चुके हैं। इनके अलावा कई अन्य केंद्रीय मंत्री भी आयोजन का रहे। आमतौर पर प्रदेश के खेलमंत्री मैराथन को हरी झंडी दिखाते रहे हैं लेकिन कुछ वर्ष से यह परंपरा भी टूटी है। इस वर्ष भी अभी तक मुख्य अतिथि का नाम तय नहीं हो सका है। सीडीओ का कहना था कि अपर मुख्य सचिव से वार्ता की जा रही है। कैबिनेट मंत्री या अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी से उद्घाटन करया जाएगा।
प्रतियोगिता तथा पुरस्कार की राशि
खेल आयु वर्ग दूरी पुरस्कार की राशि (रुपये)
(किमी) प्रथम द्वितीय तृतीय सांत्वना
मैराथन (पुरुष) ओपेन 42.195 दो लाख एक लाख 75000 10000 (11 धावकों को)
मैराथन (महिला) ओपेन 42.195 दो लाख एक लाख 75000 10000 (11 धावकों को)
क्रास कंट्री (बालक) 15 से 20 आठ 10000 5000 3000 1000 (सात धावक)
क्रास कंट्री (बालिका) 15 से 20 आठ 10000 5000 3000 1000 (सात धावक)
वरिष्ठ पुरुष 45 से अधिक आठ 5000 3000 2000 1000 (सात धावक)
वरिष्ठ महिला 45 से अधिक चार 5000 3000 2000 1000 (सातधावक)
मैराथन का मार्ग
आनंद भवन से इलाहाबाद विश्वविद्यालय, मंडलायुक्त आवास, आर्मी रेडल ईगल स्टेडियम, महर्षि पतंजलि स्कूल से ट्रैफिक पुलिस लाइन, मेयोहाल, धोबीघाट, एजी ऑफिस, बार काउंसिल, इंदिरा गांधी चौराहा, पोलो ग्राउंड, हाईकोर्ट अंबेडकर चौराहा से बाएं पत्थर गिरजा घर, सुभाष चौराहा, सीएमपी डिग्री कालेज होते हुए नया यमुना पुल, महेवा गेट, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट, डीपीएस मार्ग अरैल घाट, फलहारी बाबा आश्रम, नया यमुना पुल से सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से चंद्रशेखर आजाद मुख्य गेट से प्रवेश करके मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में समाप्त होगी।
3250 धावकों ने कराया पंजीकरण
इंदिरा मैराथन के विभिन्न वर्ग में शुक्रवार शाम पांच बजे 3250 धावकों ने पंजीकरण कराया था। मैराथन पुरुष वर्ग में 63 तथा महिला में मात्र 13 धावकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। क्रास कंट्री बालक वर्ग में 2332 तथा बालिका वर्ग में 827 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वरिष्ठ पुरुष वर्ग में 11 तथा महिला वर्ग में चार ने पंजीकरण कराया है।