अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन के 39वें संस्करण के पुरुष वर्ग में सेना के धावकों ने शीर्ष तीनों स्थानों पर कब्जा जमाया। हैदराबाद में तैनात योगेश शर्मा इस बार के चैंपियन रहे। वह मूलत: भरतपुर, राजस्थान के रहने वाले हैं। महिला वर्ग में हरियाणा निवासी रेलवे की सोनिका शीर्ष पर रहीं। मंगलवार सुबह 6.30 बजे आनंद भवन के सामने कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने हरी झंडी दिखाकर 42.195 किमी की मैराथन को रवाना किया।
संतरविदास नगर निवासी व सूरतगढ़ राजस्थान में तैनात सेना के कुलदीप सिंह ने दूसरा और गाजियाबाद निवासी व अरुणाचल प्रदेश में तैनात सेना के निशांत ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, महिला वर्ग में पिछली बार की चैंपियन रहीं सीआईएसएफ में तैनात हरियाणा की रीनू को इस बार दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा जबकि दिल्ली की सीमा को तीसरा स्थान मिला।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय, आयुक्त आवास, महर्षि पतंजलि इंटर कॉलेज, मेयोहॉल चौराहा, पोलो ग्राउंड, मेडिकल चौराहा, नए यमुना पुल होते हुए मामा भांजा चौराहा स्थित टर्निंग प्वाइंट तक दूसरे स्थान पर रहे कुलदीप सिंह ने बढ़त बना रखी थी। पिछली बार तीसरे स्थान पर रहे प्रयागराज के अनिल कुमार कदम से कदम मिलाकर उनके साथ दौड़ रहे थे।
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इंदिरा मैराथन में विजेता महिला धावक।
- फोटो : अमर उजाला।
टर्निंग प्वाइंट के बाद अचानक पासा पलटा और सेना के योगेश शर्मा व निशांत ने रफ्तार पकड़ते हुए सभी को पीछा छोड़ा। वापसी में नए यमुना पुल तक तस्वीर लगभग साफ हो चुकी थी। मुकाबला अब योगेश, कुलदीप और निशांत के बीच रह गया था। बैरहना के बाद योगेश ने अपनी रफ्तार और बढ़ा दी। उन्होंने दो घंटे 29 मिनट 42 सेकेंड में फिनिशिंग लाइन छूकर चैंपियन का खिताब जीता।
वहीं, महिला वर्ग में रेलवे की सोनिका ने शुरू से ही बढ़त बनाई और उसे फिनिशिंग लाइन तक बरकरार रखा। उन्होंने 2 घंटे 45 मिनट 28 सेकेंड में मैराथन पूरी की। शाम को समापन समारोह में विजेता धावकों को पुरस्कार राशि वितरित की गई।
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इंदिरा मैराथन के दौरान नए यमुना पुल से गुजरते धावक।
- फोटो : अमर उजाला।
इंदिरा मैराथन के दौरान यातायात व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रही। मैराथन मार्ग पर आवागमन को रोक दिया गया था। जिससे कि धावकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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इंदिरा मैराथन के धावकों पर फूल बरसाए गए।
- फोटो : अमर उजाला।
इंदिरा मैराथन के धावकों के ऊपर रास्ते में कई जगह फूल बरसाए गए। लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
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नए यमुना पुल से गुजरते धावक।
- फोटो : अमर उजाला।
इंदिरा मैराथन के दौरान खेल विभाग की टीम धावकों के आगे-आगे बाइक से चल रही थी, ताकि किसी तरह की असमंजस की स्थिति पैदा न और धावक रास्ता भटक न सकें।