Prayagraj Marathon : आज इंदिरा मैराथन में 400 धावक दिखाएंगे दमखम, दो ओलंपियन और कई पूर्व विजेता होंगे शामिल
प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के अलावा तीन घंटे में दौड़ पूरी कर लेने वाले धावकों को खेल विभाग की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। ऐसे में बीच में दौड़ छोड़ देने वाले और तीन घंटे के बाद दौड़ पूरी करने वाले धावकों को खाली हाथ ही वापस जाना पड़ेगा। मैराथन रूट पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
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37वीं अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन में शनिवार को देशभर के धावक हिस्सा लेंगे। रात दस बजे तक कुल 395 धावकों ने पंजीकरण करा लिया था, जिसमें पुरुष धावक 314 जबकि महिला धावकों की संख्या 81 रही। वहीं इस बार स्थानीय धावकों की कुल संख्या 170 है। प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के अलावा तीन घंटे में दौड़ पूरी कर लेने वाले धावकों को खेल विभाग की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। ऐसे में बीच में दौड़ छोड़ देने वाले और तीन घंटे के बाद दौड़ पूरी करने वाले धावकों को खाली हाथ ही वापस जाना पड़ेगा। मैराथन रूट पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव सुबह साढ़े छह बजे आनंद भवन से मैराथन को हरी झंडी दिखाएंगे। इधर, मैराथन का हिस्सा बनने के लिए शुक्रवार देर रात तक धावक रजिस्ट्रेशन कराते रहे। इंदिरा मैराथन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आए धावकों का प्रयागराज में जमावड़ा हो चुका है। 42.195 किमी लंबी इस मैराथन में हिस्सा लेने के लिए दो ओलंपियन व पूर्व के विजेताओं के आने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। सेना के साथ-साथ प्रयागराज के धावकों पर भी लोगों की निगाहें टिकी रहेंगी।
अमेठी की सुधा सिंह अर्जुन पुरस्कार व पद्मश्री से सम्मानित हैं। उन्होंने वर्ष 2012 और 2016 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया। 2007 में राष्ट्रीय खेलों में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद 2009 में एशियन चैंपियनशिप में रजत और 2010 में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। 2016 में सुधा ने आईएएएफ डायमंड लीग मीट में नेशनल रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा था। उन्होंने 2018 में भी एशियन गेम्स में रजक पदक जीता। इसके अलावा वह मुंबई मैराथन की पांच बार की विजेता रह चुकी हैं। जबकि पिछले वर्ष उन्होंने दिल्ली मैराथन में पहला स्थान हासिल कर अपनी काबिलियत का परिचय दिया था।