शहीद महेश की पत्नी और मां की फिर छलकीं आंखें, कहा-पूरा पाकिस्तान खत्म होना चाहिए
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पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद महेश कुमार यादव की पत्नी और मां की आंखें मंगलवार को फिर छलक आईं लेकिन चेहरे पर सुकून के भाव दिखे। वायु सेना ने स्ट्राइक कर घर के लाल की शहादत का बदला ले लिया था। इसकी जानकारी के बाद 12 दिनों से दिल में भरे गुस्से का ज्वार आंसुओं के रूप में फूट पड़ा। शहीद महेश के पिता राजकुमार ने कहा, 'सेना पर गर्व है, कलेजा ठंडा भवा।'
मेजा के टुड़िहार गांव के महेश कुमार यादव पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। अभी तो सभी संस्कार भी पूरे नहीं हो पाए हैं। पिता और दो बच्चों ने सोमवार को ही दसवीं का श्राद्ध किया और त्रयोदशी बृहस्पतिवार को है। दोनों बच्चों ने सिर मुड़ा लिए हैं। उनका यह रूप परिजनों ही नहीं, हर देखने वालों को कचोट रहा है लेकिन, गम में डूबे परिजनों ने धैर्य नहीं खोया। महेश की शहादत के बाद पत्नी संजू ने अपने दोनों बच्चों को भी सेना में भेजने की बात कही थी। साथ ही उम्मीद भी की थी कि सरकार पुलवामा की घटना का बदला लेगी। मंगलवार की भोर में यह बदला पूरा हो गया। वायुसेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सैकड़ों आतंकियों को ढेर कर दिया।
इसकी जानकारी होने पर पूरा गांव शहीद के घर पर उमड़ पड़ा। उन्होंने शहीद के नाम के जयकारे लगाए तो पाकिस्तान मुर्दाबाद भी किया। महेश के दोनों बेटों ने तिरंगा लहराकर पिता को श्रद्धांजलि दी। वहीं पत्नी और मां की नम आंखों ने सेना को सलाम किया। मां शांति देवी का कहना था, 'आज कुछ सुकून मिला है। जब पूरा पाकिस्तान खत्म हो जाएगा तभी मुझे पूरी तरह से शांति मिलेगी। भारत ने पाकिस्तान पर कार्रवाई कर बेहद अच्छा काम किया है। '
पत्नी संजू ने कहा, 'पाकिस्तान पर लगातार हमला होता रहे। पाकिस्तान को पूरी तरह से खत्म होना चाहिए।'
पिता राजकुमार ने कहा, 'मेरे बेटे का बदला जवानों ने पाकिस्तान से ले लिया। मेरा सीना गर्व से भर गया है। सेना को यह कार्रवाई लगातार जारी रखने की जरूरत है। जैसे मेरे बेटे को मौत की नींद सुलाया गया, उसी तरह से साजिश रचने वाले पाकिस्तान को भी खत्म कर देने की जरूरत है।'
बहन वंदना ने कहा, 'भाई को मौत के घाट उतारने वालों पर इसी तरह से कार्रवाई होनी चाहिए थी। ग्यारह दिन बाद वायुसेना ने जो कार्रवाई की है, उससे सुकुन मिला।'
शहीद महेश के गांव में उत्साह का माहौल
पुलवामा में आतंकी हमला के शहीद महेश कुमार यादव के घर पर मंगलवार को जोश का माहौल रहा। आतंकी कैंप पर वायुसेना के हमले की जानकारी होने के बाद मेजा के टुड़िहार गांव के लोग शहीद के आवास पर टूट पड़े। उन्होंने भारत माता और शहीद के जयकारे लगाए तो पाकिस्तान मुर्दाबाद के भी नारे लगाए। लोगों ने आतिशबाजी की और जुलूस निकालकर वायु सेना की कार्रवाई का स्वागत किया।
मंगलवार को शहीद के परिजन एकादशाह कार्यक्रम की तैयारी में थे तभी सूचना मिली कि वायुसेना ने आतंकवादियों के कैंप पर हमला कर तीन सौ से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है। इस पर परिजनों ने सुकुन महसूस किया। सुबह जैसे-जैसे लोगों को जानकारी होती गई वैसे-वैसे शहीद के घर पर भीड़ लगती गई। लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए पटाखे फोड़े और जश्न मनाया। हाथ में तिरंगा लिए जवानों ने गांव में जुलूस निकाला। कुछ देरे के लिए शहीद के दोनाें बच्चों ने भी तिरंगा थामा। गांव तथा और महेश के घर के सामने इस तरह का माहौल पूरे दिन रहा।
दिन भर मासूम बच्चे घर पर लहराते रहे तिरंगा
इस पर बच्चों ने तिरंगा लहरा पिता को श्रद्धांजलि दी। साथ ही घर के बाहर निकल बच्चों ने तिरंगा लहराते हुए वायुसेना को सेल्यूट किया। बार-बार दोनों बेटे मां से पूछते रहे कि क्या पापा अब आएंगे। इस पर मां रोने-विलखने लगीं। दोनों बेटों के इस सवाल पर फिर एक बार घर का माहौल गमगीन हो गया। भावनाओं के ज्वार वाला यह दृश्य कई बार दोहराया गया। बच्चों द्वारा लहराए जा रहे तिरंगा की हर कोई चर्चा करता रहा।