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Prayagraj : छंटनी के नाम पर बीच से काट दिए हरे-भरे पेड़, नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल
Sun, 03 Dec 2023 02:20 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 03 Dec 2023 02:20 PM IST
सार
शिवाजी पार्क शहर के सबसे सुंदर उद्यानों में से एक है। ओपन एयर जिम समेत पार्क में ढेरों सुविधाएं हैं। पार्क तथा इसके चारों तरफ बड़ी संख्या में पेड़ भी लगाए गए हैं। 50 से अधिक पेड़ तो वर्षों पुराने और काफी बड़े हैं।
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विस्तार
पेड़ों की छंटनी करने के नाम पर नगर निगम ने मम्फोर्डगंज स्थित शिवाजी पार्क में हरे-भरे पेड़ बीच से काट दिए। इससे वर्षों पुराने पेड़ों के औचित्य के साथ निगम की इस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शिवाजी पार्क शहर के सबसे सुंदर उद्यानों में से एक है। ओपन एयर जिम समेत पार्क में ढेरों सुविधाएं हैं। पार्क तथा इसके चारों तरफ बड़ी संख्या में पेड़ भी लगाए गए हैं। 50 से अधिक पेड़ तो वर्षों पुराने और काफी बड़े हैं। यही हरियाली और खूबसूरती पार्क की पहचान है। खास यह कि इस पार्क तथा आसपास के क्षेत्र को यह रूप देने में स्थानीय लोगों का बड़ा योगदान रहा है। लोगों ने खुद पौधे लगाए हैं, लेकिन नगर निगम ही इसे उजाड़ने में जुट गया है।
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निगम ने पार्क के भीतर तथा बाउंड्री के बाहर स्थित दो पेड़ बीच से ही काट दिए हैं। केवल मूल तना और कुछ शाखाओं के अवशेष बचे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन पेड़ों की वजह से एक घर में धूप नहीं जा रही थी। उनकी शिकायत पर छंटनी के बजाय पेड़ों को बीच से ही काट दिया गया। इसे लेकर लोगों में नाराजगी रही।
वहीं, नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग का कहना है कि पेड़ों की नियमित छंटाई की जाती है। लोगों की शिकायत पर भी पेड़ों की छंटनी होती है। जरूरत के अनुसार कई बार मोटी शाखाएं भी काटनी पड़ती हैं। उनमें फिर से शाखाएं आ जाएंगी। जड़ से पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शिवाजी पार्क शहर के सबसे सुंदर उद्यानों में से एक है। ओपन एयर जिम समेत पार्क में ढेरों सुविधाएं हैं। पार्क तथा इसके चारों तरफ बड़ी संख्या में पेड़ भी लगाए गए हैं। 50 से अधिक पेड़ तो वर्षों पुराने और काफी बड़े हैं। यही हरियाली और खूबसूरती पार्क की पहचान है। खास यह कि इस पार्क तथा आसपास के क्षेत्र को यह रूप देने में स्थानीय लोगों का बड़ा योगदान रहा है। लोगों ने खुद पौधे लगाए हैं, लेकिन नगर निगम ही इसे उजाड़ने में जुट गया है।
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निगम ने पार्क के भीतर तथा बाउंड्री के बाहर स्थित दो पेड़ बीच से ही काट दिए हैं। केवल मूल तना और कुछ शाखाओं के अवशेष बचे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन पेड़ों की वजह से एक घर में धूप नहीं जा रही थी। उनकी शिकायत पर छंटनी के बजाय पेड़ों को बीच से ही काट दिया गया। इसे लेकर लोगों में नाराजगी रही।
वहीं, नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग का कहना है कि पेड़ों की नियमित छंटाई की जाती है। लोगों की शिकायत पर भी पेड़ों की छंटनी होती है। जरूरत के अनुसार कई बार मोटी शाखाएं भी काटनी पड़ती हैं। उनमें फिर से शाखाएं आ जाएंगी। जड़ से पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।