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आवेदन में मानवीय भूल करने वालों को त्रुटि सुधार का मौका देने का आदेश
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:07 AM IST
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हाईकोर्ट ने 41556 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में आवेदन फार्म भरने में हुई मानवीय त्रुटि दुरुस्त करने का मौका देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अधिकारी जिस स्तर पर उचित समझें उस स्तर पर अभ्यर्थियों को त्रुटि दुरुस्त करने का अवसर दें मगर इससे चयन प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
नवीन कुमार और कई अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने दिया। याचीगण का कहना था कि वह भर्ती परीक्षा में सफल हो गए हैं, मगर बाद में ऑन लाइन फार्म भरने में कुछ मानवीय चूक के कारण उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। यदि उनको यह त्रुटि सुधारने का मौका दिया जाए तो इससे भर्ती प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
याचीगण का कहना था कि अनिवार्य शिक्षा का कानून 2009 पारित होने के बाद छात्र शिक्षक अनुपात के हिसाब से विद्यालयों में अध्यापकों की कमी है। याचीगण को भूल सुधार का मौका देने से छात्रों को अध्यापक मिल सकेंगे। कोर्ट ने कहा कि याचीगण को भूल सुधार का मौका दिया जाना चाहिए। काउंसलिंग के समय अथवा उसके बाद जब सक्षम प्राधिकारी ऐसा करना उचित समझें याचीगण को भूल सुधार का मौका दें तथा याचीगण को काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
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नवीन कुमार और कई अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने दिया। याचीगण का कहना था कि वह भर्ती परीक्षा में सफल हो गए हैं, मगर बाद में ऑन लाइन फार्म भरने में कुछ मानवीय चूक के कारण उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। यदि उनको यह त्रुटि सुधारने का मौका दिया जाए तो इससे भर्ती प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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याचीगण का कहना था कि अनिवार्य शिक्षा का कानून 2009 पारित होने के बाद छात्र शिक्षक अनुपात के हिसाब से विद्यालयों में अध्यापकों की कमी है। याचीगण को भूल सुधार का मौका देने से छात्रों को अध्यापक मिल सकेंगे। कोर्ट ने कहा कि याचीगण को भूल सुधार का मौका दिया जाना चाहिए। काउंसलिंग के समय अथवा उसके बाद जब सक्षम प्राधिकारी ऐसा करना उचित समझें याचीगण को भूल सुधार का मौका दें तथा याचीगण को काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
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