लेखपालों की हड़ताल का असर : जिले में आय, जाति, निवास के 39 हजार प्रमाणपत्र लंबित
लेखपालों के कार्य बहिष्कार का असर अब गंभीर रूप ले रहा है। लेखपाल संघ का दावा है कि कार्य बहिष्कार के कारण जिले में तकरीबन 39 हजार आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं और एक हजार गांवों में प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं।
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लेखपालों के कार्य बहिष्कार का असर अब गंभीर रूप ले रहा है। लेखपाल संघ का दावा है कि कार्य बहिष्कार के कारण जिले में तकरीबन 39 हजार आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं और एक हजार गांवों में प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। राज्य स्तरीय आह्वान पर समस्त जनपदों के लेखपालों ने अपनी विभिन्न मांगो के मद्देनजर 22 सितंबर से अतिरिक्त क्षेत्र के हल्के को कार्यालय में जमा कर दिया था। जिलाध्यक्ष अवनीश पांडेय ने दावा किया है कि प्रयागराज में अतिरिक्त क्षेत्रों के बहिष्कार से आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के तकरीबन 38931 मामले लंबित हो गए हैं।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि मांगों पर विचार न किए जाने पर आठ अक्तूबर से संपूर्ण ऑनलाइन कार्य बंद कर दिया जाएगा। तहसील सोरांव में 1417 निवास, 2349 आय व 1450 जाति प्रमाण पत्र, तहसील फूलपुर में 1093 निवास, 2845 आय व 1173 जाति और तहसील हंडिया में 1483 निवास, 2789 आय व 1693 जाति प्रमाणपत्र लंबित हैं। इसी तरह तहसील सदर में 482 निवास, 1029 आय व 526 जाति, करछना में 1765 निवास, 3156 आय व 1842 जाति, मेजा में 2141 निवास, 2831 आय व 1493 जाति, कोरांव में 1148 निवास, 2106 आय व 1057 जाति, बारा में 892 निवास, 1370 आय व 811 जाति के मामलों को मिलाकर कुल 38931 प्रमाण पत्र केवल जनपद प्रयागराज में लंबित है।
इसी तरह प्रयागराज में वरासत के 1505 मामले लंबित हो गए हैं। इनमें तहसील सोरांव में 323, फूलपुर में 325, हंडिया में 361, सदर में 68, करछना में 160, कोरांव में 75, मेजा में 151, बारा में 42 मामले लंबित हैं। जिलाध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि आठ से संपूर्ण ऑनलाइन कार्य बंद करने के बाद 10 को काली पट्टी बांध कर कार्य किया जाएगा और 12 तारीख को लेखपाल अपनी स्वेच्छा से रक्तदान करेंगे।14 अक्तूबर को मोटरसाइकिल महारैली प्रस्तावित है। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो 17 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू होगा। लेखपाल संघ अंतरमंडलीय स्थानांतरण, एसीपी विसंगति, डीपीसी, प्रारंभिक वेतन 2800 ग्रेड पे, भत्तों में वृद्धि, लेखपाल पद को टेक्निकल घोषित करने आदि मांगों को लेकर आंदोलनरत है।