IIIT Prayagraj : डिग्री पाकर मेधावियों के खिले चेहरे, किंग्सुक बाग को मिला अध्यक्ष स्वर्ण पदक
ट्रिपलआईटी के दीक्षांत समारोह में वक्ताओं के संबोधन के बाद बारी थी विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम मिलने की। विद्यार्थियों के साथ ही उनके अभिभावक भी पूरे उत्साह में दिखे। उपाधियों के देने की शुरूआत के पहले ही अभिभावक अपने मोबाइल के साथ मंच के पास खड़े होने लगे।
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ट्रिपलआईटी के दीक्षांत समारोह में वक्ताओं के संबोधन के बाद बारी थी विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम मिलने की। विद्यार्थियों के साथ ही उनके अभिभावक भी पूरे उत्साह में दिखे। उपाधियों के देने की शुरूआत के पहले ही अभिभावक अपने मोबाइल के साथ मंच के पास खड़े होने लगे। संस्थान के कार्यवाहक कुलसचिव डॉ. सतीश कुमार सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और डीन एकेडमिक प्रो. मनीष गोस्वामी ने उपाधिधारकों के नाम की घोषणा की।
संस्थान की तरफ से अध्यक्ष का स्वर्ण पदक किंग्सुक बाग को दिया गया। वहीं मेघा गोयल स्मृति स्वर्ण पदक स्वर्णमसिन्हा को मिला। इसके बाद नोबेलवैज्ञानिक प्रो. क्लॉड कोहेन तानोउजी स्वर्ण पदक प्रांजलि भार्गव, प्रो. जॉली कोहेन तानोउजी स्वर्ण पदकतनु सिंह, डॉ.टीसीएम मंथन राजू सुरकर, पिल्लै मेमोरियल गोल्ड मेडल और प्रतीक मिश्रा कोप्रो. आईएनजी मथियास क्लिनर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
बीटेक (आईटी) के लिए इंस्टीट्यूट स्वर्ण पदक अभिषेकमनीष सिंह को दिया गया। मंथन राजू सुरकर और रोहिणी मिश्रा को क्रमश: रजत और कांस्यपदक से सम्मानित किया गया। बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशनइंजीनियरिंग) के किंग्सुक बाग, अभिज्ञानशर्मा और विवेक कुमार मेहता को क्रमश: स्वर्ण, रजतऔर कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
एमबीए में महविश फातिमा को गोल्ड, अनीक्षा तिवारी को रजत और नादिरा खान को कांस्य पदक मिला। बीटेक-एमटेक (पांच वर्षीय दोहरी डिग्री) में मृदुल महाजन को स्वर्ण पदक, प्रभाकर कुमार को रजत और आर्य कृष्णनको कांस्य पदक प्रदान किया गया। एमटेक (आईटी) के छात्रों अच्युत दुबे, समीक्षा गुप्ता और अंकिता शाह कोक्रमश: स्वर्ण, रजतऔर कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। एमटेक इलेक्ट्रॉनिक संचार इंजीनियरिंग में रितिका चौबे को स्वर्ण, सुधांशु कुमार को रजत और श्रेयसीघोष को कांस्य मेडल से नवाजा गया।
तनाव छोड़ जीवनभर सीखने का लें आनंद : श्रीराम राजमणि
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में शनिवार को 17वें दीक्षांत समारोह में माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया लैब के प्रबंध निदेशक श्रीराम राजमणि ने कहा कि सीखना एक सतत प्रक्रिया है, जोकि जीवनभर जारी रहती है। इसे तनाव के रूप में न लेकर आनंददायक बनाएं। उन्होंने मेधावियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के वर्तमान युग को रेखांकित करते हुए आने वाले अवसरों और चुनौतियों की भी जानकारी दी।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में श्रीराम राजमणि ने कहा कि एआई के क्षेत्र में बीते वर्षों में बहुत बदलाव आया है। आने वाले समय में भाषा मॉडल और चैट जीपीटी की भूमिका बड़ी होगी। कहा कि कॉलेज के बाद परीक्षाएं तो बंद हो जाएंगी, लेकिन सीखना बंद नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को स्नातक कक्षा के बाद आजीवन सीखने को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने मानव जीवन काल को बढ़ाने और प्रौद्योगिक में तेजी से बदलाव पर ध्यान देने की सलाह दी।
इसके पहले दीक्षांत समारोह की शुरुआत डॉ. श्रीराम राजामणि, अध्यक्ष, नासी मंडल ट्रिपलआईटी डॉ. आनंद देशपांडे और संस्थान के निदेशक प्रो.आर एस वर्मा ने की। दीक्षांत समारोह में 598 विद्यार्थियों को विभिन्न उपाधियां दी गई। साथ ही 37 शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री दी गई। समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. आनंद देशपांडे ने कहा कि ज्ञान तभी योग्य है, जब यह आम आदमी के लिए उपयोगी होने के साथ समाज की समस्याओं को हल करने वाले नवाचारों पर कार्य करे।
कहा कि ट्रिपल आईटी में स्थापित न्यू जेन आईईडीसी, डिजाइन एंड इनोवेशन सेंटर, कॉग्निटिव कंप्यूटिंग सेंटर और इंटेलिजेंट रोबोटिक्स सेंटर जैसी विभिन्न इकाइयां ज्ञान को मूल्यवान तकनीकों में बदलने में सहायक रही हैं। संस्थान ने हाल के दिनों में संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, स्वीडन, इटली, ताइवान, वियतनाम, स्पेन और रूस एवं कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षण, सीखने, अनुसंधान, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक असाधारण वातावरण बनाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए है।
उच्चतम पैकेज 1.2 करोड़ रहा
संस्थान के निदेशक प्रो. आरएस वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष कुल 226 कंपनियां संस्थान में प्लेसमेंट के लिए आई थीं। इसमें सबसे उच्चतम पैकेज लगभग 1.2 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष दिया गया। बीटेक से कुल 319 छात्रों को चुना गया। 137 एमटेक कार्यक्रम से और 29 प्रबंधन कार्यक्रम से छात्रों का चयन हुआ है। उन्होंने छात्रों से विज्ञान और आध्यात्म के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करने पर बल दिया।