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Prayagraj News: बिना धोए खाएंगे आम तो होंगे डायरिया का शिकार
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फलों के राजा आम के सभी दीवाने हैं। खासतौर से बच्चे, जो आम खाना इतना पसंद करते हैं कि उसे धोना तक भूल जाते हैं। लेकिन, सफाई से आम न खाया जाए बच्चों के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है, वह डायरिया का शिकार हो सकते हैं। मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) में एक हफ्ते में डायरिया से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती हुए। वहीं, काउंसलिंग के दौरान करीब सात बच्चों में डायरिया होने की वजह साफ-सफाई से आम न खाना पाया गया।
इन दिनों स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में 12, कॉल्विन अस्पताल में 19 और तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) में डायरिया के 10 मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय (चिल्ड्रेन) में प्रतिदिन दो से तीन बच्चे डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। इन बच्चों में उल्टी, दस्त व बुखार की समस्या पाई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि दो से तीन दिनों में डायरिया पीड़ित स्वस्थ हो जा रहे हैं। वहीं, डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कैसे रहें डायरिया से सुरक्षित
डायरिया से सुरक्षित रहने के लिए साफ पानी पीना चाहिए, हाथों को बार-बार धोएं और खाना बनाते और खाते समय सफाई रखें। इसके अलावा, दस्त होने पर ओआरएस का उपयोग करें।
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डॉ. राजेश बने स्टॉप डायरिया अभियान के नोडल
एसीएमओ डॉ. राजेश सिंह को स्टॉप डायरिया अभियान का नोडल बनाया गया है। जल्द ही आशा कार्यकर्ता अभियान के तहत घर-घर जाकर डायरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने, मरीजों को चिह्नित करने व ओआरएस का घोल बांटने का काम करेंगी।
वर्जन
इस मौसम में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, पिछले एक हफ्ते में आधा दर्जन बच्चों में डायरिया होने का कारण फल खाते समय साफ-सफाई का ख्याल न रखना सामने आया है। - डॉ. राम चंद्र, बाल रोग विशेषज्ञ, कॉल्विन हॉस्पिटल।
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इन दिनों स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में 12, कॉल्विन अस्पताल में 19 और तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) में डायरिया के 10 मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय (चिल्ड्रेन) में प्रतिदिन दो से तीन बच्चे डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। इन बच्चों में उल्टी, दस्त व बुखार की समस्या पाई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि दो से तीन दिनों में डायरिया पीड़ित स्वस्थ हो जा रहे हैं। वहीं, डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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कैसे रहें डायरिया से सुरक्षित
डायरिया से सुरक्षित रहने के लिए साफ पानी पीना चाहिए, हाथों को बार-बार धोएं और खाना बनाते और खाते समय सफाई रखें। इसके अलावा, दस्त होने पर ओआरएस का उपयोग करें।
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डॉ. राजेश बने स्टॉप डायरिया अभियान के नोडल
एसीएमओ डॉ. राजेश सिंह को स्टॉप डायरिया अभियान का नोडल बनाया गया है। जल्द ही आशा कार्यकर्ता अभियान के तहत घर-घर जाकर डायरिया के प्रति लोगों को जागरूक करने, मरीजों को चिह्नित करने व ओआरएस का घोल बांटने का काम करेंगी।
वर्जन
इस मौसम में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, पिछले एक हफ्ते में आधा दर्जन बच्चों में डायरिया होने का कारण फल खाते समय साफ-सफाई का ख्याल न रखना सामने आया है। - डॉ. राम चंद्र, बाल रोग विशेषज्ञ, कॉल्विन हॉस्पिटल।