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Prayagraj : 45 फीट रास्ते पर है भूखंड तो बना सकते 25 मंजिला इमारत, फ्लोर एरिया रेशियो भी बढ़ा

Fri, 25 Jul 2025 02:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 25 Jul 2025 02:38 PM IST
सार

प्रयागराज विकास प्राधिकरण सहित प्रदेश में शासन ने मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि और मॉडल जोनिंग रेगुलेशन-2025 को लागू कर दिया है। इससे प्रदेश में भवन निर्माण के लिए एक समान नियम प्रभावी हो गए हैं।

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If there is plot on a 45 feet road, then you can build a 25-storey building, floor area ratio also increased
बहुमंजिला इमारत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रयागराज विकास प्राधिकरण सहित प्रदेश में शासन ने मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि और मॉडल जोनिंग रेगुलेशन-2025 को लागू कर दिया है। इससे प्रदेश में भवन निर्माण के लिए एक समान नियम प्रभावी हो गए हैं। अब फ्लोर एरिया रेशियो भी बढ़ा दिया गया है। नए नियमों के अनुसार, ग्रुप हाउसिंग के अंतर्गत 45 फीट (लगभग 13.7 मीटर) चौड़ी सड़क से सटे भूखंड पर 25 मंजिल या उससे अधिक ऊंचाई तक की इमारत बनाई जा सकेंगी।

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नौ मीटर चौड़ी सड़क से लगे 150 वर्गमीटर भूखंड पर 17 मीटर से अधिक ऊंचाई के भवन का निर्माण किया जा सकेगा। साथ ही छोटे भूखंडों पर तीन या चार मंजिल से ज्यादा ऊंचाई के मकान बनाए जा सकेंगे। नए नियम में नक्शा पास कराने के आवेदन पर पांच से 15 दिन में निर्णय लेना अनिवार्य कर दिया गया है। तय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करने पर प्रस्ताव स्वत: स्वीकृत मान लिया जाएगा।

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नए नियम में भवन निर्माण की तीन श्रेणियां

1. लो रिस्क निर्माण

- आवासीय भूखंड 100 वर्गमीटर तक

- व्यावसायिक भूखंड 30 वर्गमीटर तक
(यदि यह भूखंड किसी स्वीकृत लेआउट का हिस्सा नहीं है तब भी केवल पंजीकरण कर नक्शा पास कराया जा सकता है। इस प्रक्रिया में कोई शुल्क नहीं लगेगा।)

2. मीडियम रिस्क निर्माण
- आवासीय भूखंड 500 वर्गमीटर तक
- व्यावसायिक भूखंड 200 वर्गमीटर तक

(इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के 15 दिनों में एनओसी मिल जाएगी, लेकिन भू-प्रयोग गलत होने या सड़क की चौड़ाई में गड़बड़ी मिलने पर कानूनी कार्रवाई होगी)

3. हाई रिस्क निर्माण

इसमें अंतर्गत 500 वर्गमीटर से बड़े भूखंड शामिल होंगे। इनके लिए ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही स्वीकृति मिल जाएगी। इस श्रेणी में विशेष और अधिक ऊंचाई के निर्माण भी शामिल हैं।

दुकानों और दफ्तरों को मिलेगी कानूनी मान्यता

नए नियम में यदि कोई मकान 24 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित है और उसमें ऑफिस या दुकान संचालित हो रहे हैं तो अब पीडीए से उसकी स्वीकृति ली जा सकती है। पहले इसे अनधिकृत माना जाता था।

पीछे जगह छोड़ने की पाबंदी खत्म

नए नियमों के तहत 150 वर्गमीटर तक के भूखंड पर अब बगल में सिर्फ एक मीटर की खुली जगह छोड़नी होगी, वहीं पीछे स्थान छोड़ने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे छोटे भूखंड स्वामियों को काफी राहत मिलेगी।

नया निर्माण मॉडल पीडीए सहित पूरे प्रदेश में भवन निर्माण को पारदर्शी, सरल और तेज बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। आम जनता को इससे सीधा लाभ मिलेगा। - डाॅ. अमित पाल शर्मा, उपाध्यक्ष, पीडीए

यह खास

- लोगों को अनुमोदन के लिए अब महीनों इंतजार नहीं करना होगा।
- छोटे भूखंडों पर अब अधिकतम लाभ लिया जा सकता है।
- उच्च सड़क चौड़ाई वाले क्षेत्रों में ऊंची इमारतें बनाकर शहर के लैंडस्केप को नया रूप दिया जा सकेगा।

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