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लॉक डाउन ने आजीविका छीनी तो मजदूर ने फांसी लगाकर जान दी
Tue, 02 Jun 2020 12:56 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 02 Jun 2020 12:56 AM IST
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घूरपुर थाना क्षेत्र के बीकर गांव में तंगहाली से परेशान एक बालू मजदूर ने अपने घर के अंदर चार दिन पूर्व फांसी लगा जान दे दी। घर से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को पता चला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सोमवार को उसके शव को फंदे से नीचे उतारकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लॉकडाउन के कारण आजीविका छिन जाने से मजदूर के घर में कई दिनों से चूल्हा तक नहीं जला था।
क्षेत्र के कंजासा गांव निवासी समुंदर निषाद उर्फ लल्लू (35) पुत्र स्व. दशरथ बालू मजदूरी कर परिवार सहित गुजर बसर करता था। विगत कई माह से बालू खनन बंद हो जाने के बाद से गांव व आसपास में घर आदि निर्माण कार्य में मजदूरी करने लगा था। इधर लॉकडाउन में सारे काम भी बंद हो जाने से उसके रोजगार के सारे माध्यम भी छिन गए तो दो जून की रोटी की समस्या खड़ी हो गई। तंगहाली के चलते उसने अपनी पत्नी व पांच बच्चों को औद्योगिक क्षेत्र के मवैया गांव स्थित अपनी ससुराल भेज दिया था।
पड़ोसियों के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण कई कई दिन तक समुंदर के घर में खाना नहीं बनता था। सोमवार की दोपहर कमरे से दुर्गंध आने पर भतीजे अजय ने खिड़की से झांका तो समुंदर का शव छत के चुल्ले के सहारे फंदे पर लटक रहा था। उसने परिजनों को बताया तो आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतार कर शव को के लिए भेज दिया। समुंदर के परिवार में पत्नी मीरा देवी, बेटी प्रियंका, बेटे शिवम, शुभम, दिव्यांशु और प्रियांशु हैं। सूचना पाकर रोते कलपते सभी गांव पहुंचे।
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क्षेत्र के कंजासा गांव निवासी समुंदर निषाद उर्फ लल्लू (35) पुत्र स्व. दशरथ बालू मजदूरी कर परिवार सहित गुजर बसर करता था। विगत कई माह से बालू खनन बंद हो जाने के बाद से गांव व आसपास में घर आदि निर्माण कार्य में मजदूरी करने लगा था। इधर लॉकडाउन में सारे काम भी बंद हो जाने से उसके रोजगार के सारे माध्यम भी छिन गए तो दो जून की रोटी की समस्या खड़ी हो गई। तंगहाली के चलते उसने अपनी पत्नी व पांच बच्चों को औद्योगिक क्षेत्र के मवैया गांव स्थित अपनी ससुराल भेज दिया था।
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पड़ोसियों के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण कई कई दिन तक समुंदर के घर में खाना नहीं बनता था। सोमवार की दोपहर कमरे से दुर्गंध आने पर भतीजे अजय ने खिड़की से झांका तो समुंदर का शव छत के चुल्ले के सहारे फंदे पर लटक रहा था। उसने परिजनों को बताया तो आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतार कर शव को के लिए भेज दिया। समुंदर के परिवार में पत्नी मीरा देवी, बेटी प्रियंका, बेटे शिवम, शुभम, दिव्यांशु और प्रियांशु हैं। सूचना पाकर रोते कलपते सभी गांव पहुंचे।
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