{"_id":"5f32f5dc5ef4456819285cd6","slug":"if-the-idea-of-living-life-stopped-and-the-breath-left","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठहर कर जिंदगी जीने की सोची तो सांसों ने साथ छोड़ दिया, साहित्यिक संस्थाओं ने राहत को किया याद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठहर कर जिंदगी जीने की सोची तो सांसों ने साथ छोड़ दिया, साहित्यिक संस्थाओं ने राहत को किया याद
Wed, 12 Aug 2020 01:17 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 12 Aug 2020 01:17 AM IST
विज्ञापन
राहत इंदौरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाने माने शायर डॉ राहत इंदौरी के इंतकाल के बाद यहां सांस्कृतिक-साहित्यिक संस्थाओं में शोक की हर दौड़ गई है। मंगलवार को जगह-जगह शोक सभाएं हुईं और उनको श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
मशहूर शायर राहत इंदौरी के निधन पर साहित्यिक संस्था गुफ्तगू की ओर से खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। संस्था के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद गाजी ने बताया कि गुफ्तगू पत्रिका से उनका गहरा संबंध रहा है। उनके निधन से साहित्य जगत को जबरदस्त झटका लगा है।
मनमोहन सिंह तन्हा ने कहा कि मंच पर राहत इंदौरी रहना ही मुशायरों की कामयाबी होती थी। प्रभाशंकर शर्मा,डॉ नीलिमा मिश्रा, नरेश कुमार महरानी, अनिल मानव, संजय सक्सेना, दयाशंकर प्रसाद, अर्चना जायसवाल, नीना मोहन श्रीवास्तव, हकीम रेशादुल इस्लाम, शैलेंद्र जय, शिवपूजन सिंंह, डॉ सुरेश चंद द्विवेदी और शिवाजी यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी तरह महिला काव्य मंच की ओर से शोक जताया गया। महक जौनपुरी, रचना सक्सेना,ऋतंधरा मिश्रा,ललिता पाठक नारायणी,रेनू मिश्रा, जया मोहन ने शोक जताया।
विज्ञापन
उधर, अलख थिएटर की ओर से हुई श्रद्धांजलि सभा में रंगकर्मियों ने राहत को श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के अध्यक्ष रिभु श्रीवास्तव,शशिकांत शर्मा, आयुष मिश्रा, अनन्या द्विवेदी, विभु श्रीवास्तव, श्याम सुंदर शर्मा, राजीव खरे, राम गोपाल गुप्ता ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। नुरुल्लाह रोड स्थित शम्स टावर में हुई शोक सभा में राहत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर नदीम अहमद,विनोद चौरसिया, सरताज अहमद, रईस अहमद, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद शाहिद, विनोद शुक्ला, आलोक मालवीय, जुल्फिकार अहमद, अनीस ने उनकी शायरी को याद किया। संचालन शम्स ताज ने किया।
विज्ञापन
मशहूर शायर राहत इंदौरी के निधन पर साहित्यिक संस्था गुफ्तगू की ओर से खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। संस्था के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद गाजी ने बताया कि गुफ्तगू पत्रिका से उनका गहरा संबंध रहा है। उनके निधन से साहित्य जगत को जबरदस्त झटका लगा है।
विज्ञापन
मनमोहन सिंह तन्हा ने कहा कि मंच पर राहत इंदौरी रहना ही मुशायरों की कामयाबी होती थी। प्रभाशंकर शर्मा,डॉ नीलिमा मिश्रा, नरेश कुमार महरानी, अनिल मानव, संजय सक्सेना, दयाशंकर प्रसाद, अर्चना जायसवाल, नीना मोहन श्रीवास्तव, हकीम रेशादुल इस्लाम, शैलेंद्र जय, शिवपूजन सिंंह, डॉ सुरेश चंद द्विवेदी और शिवाजी यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी तरह महिला काव्य मंच की ओर से शोक जताया गया। महक जौनपुरी, रचना सक्सेना,ऋतंधरा मिश्रा,ललिता पाठक नारायणी,रेनू मिश्रा, जया मोहन ने शोक जताया।
विज्ञापन
उधर, अलख थिएटर की ओर से हुई श्रद्धांजलि सभा में रंगकर्मियों ने राहत को श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के अध्यक्ष रिभु श्रीवास्तव,शशिकांत शर्मा, आयुष मिश्रा, अनन्या द्विवेदी, विभु श्रीवास्तव, श्याम सुंदर शर्मा, राजीव खरे, राम गोपाल गुप्ता ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। नुरुल्लाह रोड स्थित शम्स टावर में हुई शोक सभा में राहत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर नदीम अहमद,विनोद चौरसिया, सरताज अहमद, रईस अहमद, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद शाहिद, विनोद शुक्ला, आलोक मालवीय, जुल्फिकार अहमद, अनीस ने उनकी शायरी को याद किया। संचालन शम्स ताज ने किया।