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परिवार संस्कारी है तो बच्चे भी संस्कारी होते हैं : डाॅ. शिखा दरबारी
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यदि परिवार संस्कारी है तो बच्चे भी संस्कारी होते हैं। प्रारंभ में बच्चे सबसे ज्यादा समय मां के साथ बिताते हैं। हम सभी को मालूम है कि कि अभिमन्यु ने चक्रव्यूह तोड़ना मां के गर्भ में ही सीख लिया था। इसलिए महिलाओं का शिक्षित एवं संस्कारी होना बहुत जरूरी है। रविवार को यह विचार पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. शिखा दरबारी ने भारत विकास परिषद प्रयाग प्रांत की ओर से सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में व्यक्त किए।
इस अवसर पर डाॅ. दरबारी ने कहा कि एक शिक्षित मां, एक संस्कारी मां अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं संस्कार प्रदान कर सकती है। इससे एक अच्छे समाज का निर्माण हो सकता है। कहा कि आज समाज में बडी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले संयुक्त परिवार होता था, परिवार के नए सदस्य अपने बुजुर्गों से बहुत कुछ सीखते थे उनका सम्मान करते थे। बच्चों की प्रथम शिक्षक उनकी मां और प्रथम पाठशाला परिवार होता है। स्कूल जाने से पहले बहुत कुछ चीजें बच्चे आपने परिवार से सुनते हैं, सीखते हैं और उसे आत्मसात करते हैं।
कार्यक्रम में भारत विकास परिषद की क्षेत्रीय सचिव निशा जायसवाल ने संस्था का परिचय दिया। इस अवसर पर विभिन्न कार्यों में विशेष योगदान देने वाली महिलाओं को अवार्ड दिया गया। कार्यक्रम में ‘अपराजिता’ के विमोचन के साथ साथ पर्यावरण के लिए अनुकूल थैलों का भी वितरण किया गया। संचालन प्रिया नारायण ने एवं धन्यवाद ज्ञापन भारत विकास परिषद के प्रांतीय महासचिव अमित श्याम ने किया। इस अवसर डॉ कविता शाह, डाॅ. शिप्रा धर, डाॅ. चंपा श्रीवास्तव, अनूप चंद्र जैन, अरुण कुमार जायसवाल, सुनील धवन, प्रमोद बंसल आदि मौजूद रहे।
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इस अवसर पर डाॅ. दरबारी ने कहा कि एक शिक्षित मां, एक संस्कारी मां अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं संस्कार प्रदान कर सकती है। इससे एक अच्छे समाज का निर्माण हो सकता है। कहा कि आज समाज में बडी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले संयुक्त परिवार होता था, परिवार के नए सदस्य अपने बुजुर्गों से बहुत कुछ सीखते थे उनका सम्मान करते थे। बच्चों की प्रथम शिक्षक उनकी मां और प्रथम पाठशाला परिवार होता है। स्कूल जाने से पहले बहुत कुछ चीजें बच्चे आपने परिवार से सुनते हैं, सीखते हैं और उसे आत्मसात करते हैं।
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कार्यक्रम में भारत विकास परिषद की क्षेत्रीय सचिव निशा जायसवाल ने संस्था का परिचय दिया। इस अवसर पर विभिन्न कार्यों में विशेष योगदान देने वाली महिलाओं को अवार्ड दिया गया। कार्यक्रम में ‘अपराजिता’ के विमोचन के साथ साथ पर्यावरण के लिए अनुकूल थैलों का भी वितरण किया गया। संचालन प्रिया नारायण ने एवं धन्यवाद ज्ञापन भारत विकास परिषद के प्रांतीय महासचिव अमित श्याम ने किया। इस अवसर डॉ कविता शाह, डाॅ. शिप्रा धर, डाॅ. चंपा श्रीवास्तव, अनूप चंद्र जैन, अरुण कुमार जायसवाल, सुनील धवन, प्रमोद बंसल आदि मौजूद रहे।
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