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Prayagraj News: झुक जाता तो मेरे किरदार का कत्ल हो जाता-बृजभूषण शरण सिंह
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परीक्षा देकर बाहर निकलते हुए परीक्षार्थी
- फोटो : जिला अस्पताल में मरीज को देखते डॉक्टर विकास ।संवाद
क्षेत्र के नारीबारी अंतर्गत मझियारी लकोशा में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने युवाओं को मिट्टी से जुड़ने का संदेश दिया। कहा, जिंदगी में शॉर्टकट काम नहीं करता, मेहनत करो और लक्ष्य प्राप्त करो। उन्होंने कुश्ती संघ के विवाद का जिक्र किया। बताया मैं झुक जाता तो मसला हल हो जाता, लेकिन मेरे किरदार का कत्ल हो जाता।
एक निजी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, मैं गाय-भैंस और खेती से नाता रखता हूं, आज भी मिट्टी से जुड़ा हूं। छप्पर के नीचे बैठकर सबसे मिलता हूं, मैं ड्राइंग रूम में बैठकर लोगों से नहीं मिलता। मैं जानता हूं जिस दिन ड्राइंग रूम में बैठकर मिलूंगा, उस दिन कोई गरीब मेरे दरवाजे पर आएगा तो तीन बार अपने कपड़े और चप्पल को देखेगा, इसलिए मैं ड्राइंग रूम में नहीं, छप्पर के नीचे बैठकर लोगों से मिलता हूं।
उन्होंने कहा अगर आप किसान है तो आपके घर लक्ष्मी कृषि के माध्यम से आयेगी, अगर आप व्यापारी हैं तो व्यापार के माध्यम से रुपये आएंगे। किसी की जिंदगी में यह दिन नहीं आया की वह घर से निकले और पांच बोरों में भरे नोट उसे मिले और उसकी जिंदगी बदल जाए। इसलिए जिंदगी में कहीं शाॅर्टकट से नहीं, मेहनत से मुकाम मिलता है।
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बतौर विशिष्ट अतिथि भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष संजय सिंह एवं अन्य अतिथियों का डॉ. उदय प्रताप सिंह ने स्वागत किया और स्मृति चिह्न के रूप में गदा भेंट किया। इस अवसर पर अजीत सिंह, अनुराग सिंह आदि मौजूद रहे।
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एक निजी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, मैं गाय-भैंस और खेती से नाता रखता हूं, आज भी मिट्टी से जुड़ा हूं। छप्पर के नीचे बैठकर सबसे मिलता हूं, मैं ड्राइंग रूम में बैठकर लोगों से नहीं मिलता। मैं जानता हूं जिस दिन ड्राइंग रूम में बैठकर मिलूंगा, उस दिन कोई गरीब मेरे दरवाजे पर आएगा तो तीन बार अपने कपड़े और चप्पल को देखेगा, इसलिए मैं ड्राइंग रूम में नहीं, छप्पर के नीचे बैठकर लोगों से मिलता हूं।
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उन्होंने कहा अगर आप किसान है तो आपके घर लक्ष्मी कृषि के माध्यम से आयेगी, अगर आप व्यापारी हैं तो व्यापार के माध्यम से रुपये आएंगे। किसी की जिंदगी में यह दिन नहीं आया की वह घर से निकले और पांच बोरों में भरे नोट उसे मिले और उसकी जिंदगी बदल जाए। इसलिए जिंदगी में कहीं शाॅर्टकट से नहीं, मेहनत से मुकाम मिलता है।
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बतौर विशिष्ट अतिथि भारतीय कुश्ती संघ अध्यक्ष संजय सिंह एवं अन्य अतिथियों का डॉ. उदय प्रताप सिंह ने स्वागत किया और स्मृति चिह्न के रूप में गदा भेंट किया। इस अवसर पर अजीत सिंह, अनुराग सिंह आदि मौजूद रहे।