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संस्कृति की पहचान हैं गंगा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 26 Oct 2015 01:11 AM IST
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इलाहाबाद। हरिहर आरती समिति के तत्वावधान में रविवार को अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में आयोजित गंगा गोष्ठी में गंगा की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि गंगा देश की संस्कृति की पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि गंगा का जुड़ाव अध्यात्म के साथ-साथ जन्म से लेकर मृत्यु तक है। वह मोक्षदायिनी हैं लेकिन उनकी स्वच्छता और निर्मलता खतरे में है। भाजपा नेता ने कहा कि विगत सरकारों की ओर से करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद गंगा की दशा में कोई सुधार नहीं हुआ है। भाजपा के सह प्रभारी सुनील ओझा ने गंगा के प्रति केंद्र सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी की शुरूआत शंकराचार्य आश्रम के वेदपाठी बटुकों द्वारा स्वस्तिवाचन से हुई। सुरेशचंद्रा ने गंगा गीत सुनाया। संयोजक अवधेश चंद्र गुप्त ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर काशी प्रांत के संगठन मंत्री चंद्रशेखर, महेश, प्रभाशंकर पांडेय, नरेंद्र देव पांडेय, संजय गुप्त आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि गंगा का जुड़ाव अध्यात्म के साथ-साथ जन्म से लेकर मृत्यु तक है। वह मोक्षदायिनी हैं लेकिन उनकी स्वच्छता और निर्मलता खतरे में है। भाजपा नेता ने कहा कि विगत सरकारों की ओर से करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद गंगा की दशा में कोई सुधार नहीं हुआ है। भाजपा के सह प्रभारी सुनील ओझा ने गंगा के प्रति केंद्र सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
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गोष्ठी की शुरूआत शंकराचार्य आश्रम के वेदपाठी बटुकों द्वारा स्वस्तिवाचन से हुई। सुरेशचंद्रा ने गंगा गीत सुनाया। संयोजक अवधेश चंद्र गुप्त ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर काशी प्रांत के संगठन मंत्री चंद्रशेखर, महेश, प्रभाशंकर पांडेय, नरेंद्र देव पांडेय, संजय गुप्त आदि उपस्थित रहे।
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