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Prayagraj News: सैकड़ों वाहन बिना फिटनेस-परमिट के भर रहे फर्राटे, खतरे में नौनिहाल
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डग्गामार स्कूली वैन से बच्चों कोघर तक वापस पहुंचाया जा रहा है।अमर उजाला।
- फोटो : shiv tripathi
स्कूलों का शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। जिले में 500 से अधिक स्कूली वाहन बिना फिटनेस, परमिट और अनुभवी चालक के चल रहे हैं। संभागीय परिवहन विभाग ने इनमें 272 गाड़ियों की सूची जांच के लिए तीन एआरटीओ और तीन पीटीओ को बुधवार को सौंपी है।
परिवहन विभाग के अनुसार, 336 स्कूली वाहनों का फिटनेस समाप्त हो चुका है। इसके अलावा 80 वाहनों का परमिट भी खत्म हो गया है। वहीं, 180 वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने और जर्जर हालत में हैं।
ये सभी वाहन बिना किसी कागजात के बच्चों का परिवहन कर रहे हैं। जिले में लगभग छह हजार स्कूल संचालित हैं, पर केवल 1288 स्कूली वाहन ही पंजीकृत हैं। एक हजार से अधिक स्कूल प्रबंधन इन नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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मिशन सेफ फ्यूचर अभियान 15 जुलाई तक ःपरिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश पर मिशन सेफ फ्यूचर अभियान शुरू हुआ है। यह अभियान 15 जुलाई तक शिक्षण संस्थाओं में चलेगा। आरटीओ प्रवर्तन एसपी सिंह के अनुसार 272 परमिट और फिटनेस फेल स्कूली गाड़ियों की सूची तीन एआरटीओ और तीन पीटीओ को सौंपी गई है। बुधवार को पीटीओ केकी मिश्रा ने एक बिना परमिट वाहन सीज किया। उन्होंने फिटनेस समाप्त हो चुके दो वाहनों का चालान कर चेतावनी भी दी। वहीं इसके अलावा अन्य सात वाहनों का चालान किया गया हैं।
स्कूली बसों में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं ः स्कूली वाहनों में वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और बीमा होना अनिवार्य है। साथ ही अनुभवी चालक, परिचालक और फर्स्ट एड बॉक्स भी जरूरी हैं। अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर, जीपीएस और सीसीटीवी कैमरा भी लगाए जाने चाहिए।
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परिवहन विभाग के अनुसार, 336 स्कूली वाहनों का फिटनेस समाप्त हो चुका है। इसके अलावा 80 वाहनों का परमिट भी खत्म हो गया है। वहीं, 180 वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने और जर्जर हालत में हैं।
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ये सभी वाहन बिना किसी कागजात के बच्चों का परिवहन कर रहे हैं। जिले में लगभग छह हजार स्कूल संचालित हैं, पर केवल 1288 स्कूली वाहन ही पंजीकृत हैं। एक हजार से अधिक स्कूल प्रबंधन इन नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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मिशन सेफ फ्यूचर अभियान 15 जुलाई तक ःपरिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश पर मिशन सेफ फ्यूचर अभियान शुरू हुआ है। यह अभियान 15 जुलाई तक शिक्षण संस्थाओं में चलेगा। आरटीओ प्रवर्तन एसपी सिंह के अनुसार 272 परमिट और फिटनेस फेल स्कूली गाड़ियों की सूची तीन एआरटीओ और तीन पीटीओ को सौंपी गई है। बुधवार को पीटीओ केकी मिश्रा ने एक बिना परमिट वाहन सीज किया। उन्होंने फिटनेस समाप्त हो चुके दो वाहनों का चालान कर चेतावनी भी दी। वहीं इसके अलावा अन्य सात वाहनों का चालान किया गया हैं।
स्कूली बसों में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं ः स्कूली वाहनों में वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और बीमा होना अनिवार्य है। साथ ही अनुभवी चालक, परिचालक और फर्स्ट एड बॉक्स भी जरूरी हैं। अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर, जीपीएस और सीसीटीवी कैमरा भी लगाए जाने चाहिए।