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Prayagraj : फर्जी पैरामेडिकल संस्थान के नाम पर सैकड़ों छात्रों से लाखों की ठगी, केस दर्ज

Mon, 23 Sep 2024 12:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 23 Sep 2024 12:00 PM IST
सार

भुक्तभोगी ने बताया कि ठगी का शिकार होने के बाद उसने झूंसी थाने में 19 नवंबर 2023 को प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। तकरीबन सालभर बाद पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ झूंसी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है।

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Hundreds of students cheated of lakhs in the name of fake paramedical institute, case registered
Prayagraj - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

लखनऊ के फर्जी संस्थान से संबद्ध पैरामेडिकल कॉलेज झूंसी के सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में है। मामले में झूंसी के पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक की ओर से दी गई तहरीर पर करीब एक साल बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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झूंसी में स्थित सम्यता इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज में डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्निशियन (डीएमएलटी) का कोर्स संचालित किया जा रहा था। सम्यता इंस्टीट्यूट के संचालक सत्येंद्र कुमार का कहना है कि उनके इंस्टीट्यूट की उत्तर प्रदेश स्टेट पैरामेडिकल फैकल्टी लखनऊ से संबद्धता थी। 24 अप्रैल 2023 को प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा होनी थी, लेकिन एडमिट कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज परीक्षा से पहले तक प्राप्त नहीं हुए। जब संस्थान से संपर्क किया गया तो कोई जवाब नहीं मिला।

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फिर लखनऊ स्थित कार्यालय भी बंद मिला। बाद में पता चला कि लखनऊ में संचालित उत्तर प्रदेश स्टेट पैरामेडिकल फैकल्टी फर्जी है। इसका उत्तर प्रदेश सरकार या स्वास्थ्य विभाग से कोई संबंध नहीं है। इसके चलते कार्यालय को भी सील कर दिया गया है। सत्येंद्र कुमार मुताबिक, उन्होंने इस फर्जी संस्थान को सम्बद्धता के नाम पर 50,000 रुपये और अन्य फीस के नाम पर कुल 2,48,000 रुपये का भुगतान किया था।
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ठगी का शिकार होने के बाद उन्होंने झूंसी थाने में 19 नवंबर 2023 को प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। तकरीबन सालभर बाद पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ झूंसी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है।

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