अस्पताल लाइव : डफरिन में मरीजों का नहीं एमआर का रहता है बोलबाला, इलाज के नाम पर रेफर का खेल
डफरिन में प्रतिदिन ओपीडी के दौरान एमआर (मेडिकल रिप्रजेंटेटिव) का आना-जाना लगा रहता है। हालांकि ओपीडी के सामने ही साफ-साफ लिखा है कि अस्पताल में एमआर का आना निषेध है। उसके बाद भी पूरे समय एमआर यहां पर मंडराते रहते हैं।
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जनपद के एकमात्र जिला महिला चिकित्सालय डफरिन में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। अस्पताल में ओपीडी के समय मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (दवा प्रतिनिधि) अपनी-अपनी कंपनी की दवाओं का प्रचार करने डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं, जबकि मरीज कर्मचारियों की डांट खाकर अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं।
डफरिन में प्रतिदिन ओपीडी के दौरान एमआर (मेडिकल रिप्रजेंटेटिव) का आना-जाना लगा रहता है। हालांकि ओपीडी के सामने ही साफ-साफ लिखा है कि अस्पताल में एमआर का आना निषेध है। उसके बाद भी पूरे समय एमआर यहां पर मंडराते रहते हैं। हालत यह हो जाती है कि अस्पताल में ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन चिकित्सकों का पूरा ध्यान विभिन्न निजी कंपनियों से आने वाले एमआर पर ही लगा रहता है।
ऐसे में अगर कोई मरीज या तीमारदार कुछ बोलना भी चाहे तो वहां तैनात कर्मचारी उसे डांट देते हैं। पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे डफरिन अस्पताल में पिछले दिनों चार वरिष्ठ चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया गया, जबकि उनके स्थान पर सिर्फ एक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो सकी है। बृहस्पतिवार को महिला चिकित्सक की ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी, जबकि एमआर अंदर डॉक्टर को घेरे हुए थे।
मेजा से गर्भवती पत्नी का इलाज कराने आए रामसेवक का कहना था, पहले तो काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार किया। जब भीतर पहुंचे तो महिला चिकित्सक ने बताया कि उनके शरीर में पानी और खून की कमी है। ऐसे में भर्ती करना होगा, उसको सलाह दी कि वह एसआरएन या अन्य अस्पताल लेकर जाएं। वहां बेहतर इलाज होगा। इसी प्रकार अन्य कई मरीजों को भी अस्पताल के चिकित्सक इलाज से ज्यादा रेफर करने में अधिक रुचि दिखाते हैं।
लेवल अस्पताल में सृजित पद रिक्त पद
05 1 रिक्त
04 8 7
03 6 3
02 5 2
01 कोई पद नहीं
2018 में बने परिसर के अंदर स्थिति 100 बेड के अस्पताल की स्थिति
लेवल सृजित पद रिक्त पद
04 1 रिक्त
03 6 4
02 3 3
01 8 सभी रिक्त
अस्पताल में चिकित्सकों के आधे से अधिक पद खाली हैं
पिछले दिनों चार वरिष्ठ डॉक्टरों का स्थानांतरण हुआ, लेकिन उनके स्थान पर एक की तैनाती हुई
जिला अस्पताल में 28 नर्सिंग स्टाफ के पद सृजित है, इस पर 15 पद खाली हैं
100 बेड वाले अस्पताल के शुरू होते समय 32 नर्सिंग स्टाफ के पद सृजित हुए थे, इसमें सभी खाली हैं
अभी हाल में ही मैंने कार्यभार संभाला है। अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां तक मरीजों को रेफर करने की बात है, यह गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी। - डॉ. नीता साहू, सीएमएस, डफरिन