फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Horoscopes of suspected officers and employees being scrutinized, investigation handed over to DM

प्रयागराज भूमि घोटाला : संदिग्ध अफसरों-कर्मचारियों की खंगाली जा रही कुंडली, डीएम को सौंपी गई जांच

Sat, 13 Jul 2024 06:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 13 Jul 2024 06:05 PM IST
सार

फूलपुर तहसील के अंतर्गत झूंसी के पास आठ गांवों में 1800 बीघे सरकारी जमीन को भूमाफिया तथा बिल्डरों के नाम कर दिया गया है। खास यह कि एक दिन में ही 60 वादों का निस्तारण कर जमीन दूसरों के हवाले कर दी गई।

विज्ञापन
Horoscopes of suspected officers and employees being scrutinized, investigation handed over to DM
भूमि घोटाला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

फूलपुर तहसील में हुए जमीन घोटाले में एक आईएएस, दो पीसीएस समेत उस समय तैनात कई अन्य अफसर एवं कर्मचारी रडार पर हैं। इनकी कुंडली खंगाली जा रही है। फूलपुर में सरकारी जमीन बेचे जाने के कई अन्य मामले भी हुए हैं। डीएम की जांच में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

विज्ञापन


फूलपुर तहसील के अंतर्गत झूंसी के पास आठ गांवों में 1800 बीघे सरकारी जमीन को भूमाफिया तथा बिल्डरों के नाम कर दिया गया है। खास यह कि एक दिन में ही 60 वादों का निस्तारण कर जमीन दूसरों के हवाले कर दी गई। शासन की ओर से इसकी जांच डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी को सौंपी गई है। इसमें एडीएम सिटी तथा बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शामिल हैं। यह जिम्मेदारी मिलने के साथ कमेटी ने जांच भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन


कमेटी सभी दस्तावेजों के साथ भूखंड लेने वाले भूमाफिया तथा बिल्डरों की भी सूची तैयार कर रही है। मामला सामने आने के बाद तथा गर्दन फंसती देख बिल्डर भी सक्रिय हो गए हैं। वहीं पूछताछ के लिए सभी को जल्द ही जांच कमेटी के सामने बुलाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

मामले में एक आईएएस, एसडीएम तथा एक अन्य पीसीएस अधिकारी के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल समेत अन्य कर्मचारियों की भी मिलीभगत की बात सामने आ रही है। 2015 में झूंसी में एक और जमीन घोटाला हुआ था। उसमें रेलवे की जमीन बेच दी गई थी। उस मामले में इन अफसरों के नाम सामने आए थे। एक पीसीएस अधिकारी तो निलंबित भी किए गए थे।

फूलपुर में ही उसी दौरान का अब नया जमीन घोटाला सामने आया है। ऐसे में दोनों मामलों को जोड़कर देखा जा रहा है। उस दौरान जिले तथा तहसील में तैनात अफसर जांच कमेटी की रडार पर हैं। सभी का विवरण तैयार किया जा रहा है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि जमीन जिनके नाम की गई है उनकी अफसरों के साथ क्या संबंध हैं।

संभवत: पहली बार डीएम को दी गई है जांच

1800 बीघे जमीन दूसरों के नाम की गई है जिसकी कीमत नौ से 10 अरब रुपयेे बताई जा रही है। इसके अलावा इसमें कई वरिष्ठ अफसरों की संलिप्तता मानी जा रही है। ऐसे में जांच सीधे डीएम को सौंपी गई है। ऐसा संभवत: पहली बार हुआ है जब जमीन घोटाले की जांच डीएम को सौंपी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed