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कुंभ की सफलता के लिए सभी ईमानदारी से निभाएं जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Mon, 03 Dec 2018 01:56 AM IST
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प्रयागराज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कुंभ भारत की महान परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है। इसके लिए हमें मिलजुल कर काम करना चाहिए। इस महापर्व में दूसरों की कमियां निकालने के बजाय यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करे तो कहीं रिक्तता दिखाई ही नहीं पड़ेगी। त्रिवेणी बांध स्थित आदि शंकर विमान मंडपम के जीर्णोद्धार पर आयोजित चार दिनी कुंभाभिषेकम महोत्सव के समापन पर रविवार को पहुंचे सीएम योगी ने सीख दी कि अपनी कमियों को सुधारकर और दूसरों की अच्छाइयों से प्रेरणा लेकर काम करें तो सफल कुंभ का संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, अखाड़े, धर्माचार्य, संत सभी की आध्यात्मिक साधना मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। यह कुंभ सिर्फ भारत ही नहीं विश्व कल्याण के लिए है। यह सौभाग्य की बात है कि हम कुंभ की प्राचीन परंपरा से साक्षात्कार कर सकेंगे। सुखद यह भी कि कुंभाभिषेकम महोत्सव के साथ कुंभ पर्व आरंभ हो गया। सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कांची कामकोटि के शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती से बातचीत की और उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए कांची कामकोटि के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस पीठ ने भारत की सनातन परंपरा को नई ऊंचाइयां दी हैं। कर्तव्यबोध की भावना के साथ काम करें और कुंभ पर्व पर आने वाले अतिथियों का स्वागत करें तो इस धरती को दिव्यलोक होने में देर नहीं लगेगी।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य ने कहा, कुंभ की आध्यात्मिक ऊर्जा विश्व कल्याण के लिए है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने देवी-देवताओं के दर्शन के साथ ही ऊपरी तल पर बटुकों के आचार्यत्व में कुंभाभिषेकम अनुष्ठान किया। संयोजक राकेश कुमार शुक्ल की ओर से 151 किलो फूलों की माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत करने सहित उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
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आदि शंकर विमान मंडपम परिसर में बीएचयू के कुलाधिपति न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय की अध्यक्षता में हुए समारोह में निर्मल पंचायती अखाड़े के सचिव महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी, खाक चौक अध्यक्ष महामंडलेश्वर संतोष दास ‘सतुआ बाबा’, कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, कांची मठ के प्रबंधन से जुड़े सीआर राजेंद्रन, एस.लक्ष्मी नारायण, वीएस सुब्रह्मण्यम ‘मणि’, सीआर गायत्री, डॉ. शांति चौधरी आदि मौजूद थीं। डॉ. अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा, अखाड़े, धर्माचार्य, संत सभी की आध्यात्मिक साधना मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। यह कुंभ सिर्फ भारत ही नहीं विश्व कल्याण के लिए है। यह सौभाग्य की बात है कि हम कुंभ की प्राचीन परंपरा से साक्षात्कार कर सकेंगे। सुखद यह भी कि कुंभाभिषेकम महोत्सव के साथ कुंभ पर्व आरंभ हो गया। सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कांची कामकोटि के शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती से बातचीत की और उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए कांची कामकोटि के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस पीठ ने भारत की सनातन परंपरा को नई ऊंचाइयां दी हैं। कर्तव्यबोध की भावना के साथ काम करें और कुंभ पर्व पर आने वाले अतिथियों का स्वागत करें तो इस धरती को दिव्यलोक होने में देर नहीं लगेगी।
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जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य ने कहा, कुंभ की आध्यात्मिक ऊर्जा विश्व कल्याण के लिए है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने देवी-देवताओं के दर्शन के साथ ही ऊपरी तल पर बटुकों के आचार्यत्व में कुंभाभिषेकम अनुष्ठान किया। संयोजक राकेश कुमार शुक्ल की ओर से 151 किलो फूलों की माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत करने सहित उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
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आदि शंकर विमान मंडपम परिसर में बीएचयू के कुलाधिपति न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय की अध्यक्षता में हुए समारोह में निर्मल पंचायती अखाड़े के सचिव महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी, खाक चौक अध्यक्ष महामंडलेश्वर संतोष दास ‘सतुआ बाबा’, कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, कांची मठ के प्रबंधन से जुड़े सीआर राजेंद्रन, एस.लक्ष्मी नारायण, वीएस सुब्रह्मण्यम ‘मणि’, सीआर गायत्री, डॉ. शांति चौधरी आदि मौजूद थीं। डॉ. अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन किया।