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संगमनगरी में रंगों की बौछार संग कपड़ाफाड़ अनूठी होली

Thu, 01 Mar 2018 09:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 01 Mar 2018 09:49 PM IST
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holi in prayag
holi - फोटो : अमर उजाला
संगमनगरी में रंग-गुलाल के संग इस बार भी कीचड़ और कपड़ाफाड़ होली होगी। हुड़दंग मचाने वाले समूहों में निकल कर लोगों को कीचड़ और गोबर से से सराबोर करेंगे। इसके पीछे स्लोगन होगा-बुरा न मानो होली है... का। शहर में दो दिन होली खेली जाएगी। लेकिन पुराने शहर के ठठेरी बाजार में इसके बाद तीसरे दिन कपड़ाफाड़ होली खेली जाएगी। चौक के लोकनाथ चौराहे पर शुक्रवार से ही कपड़ाफाड़ होली शुरू हो जाएगी।
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हिलमिल कर होरी-फाग भी गाए जाएंगे। होलिका दहन के बाद बृहस्पतिवार की रात को मुहल्ले-मुहल्ले में झांझ-मंजीरे पर फाग गीतों की गूंज मच गई। लोग झूमने लगे। पिचकारी से रंगों की मार शुक्रवार की पौ फटने के साथ ही शुरू हो जाएगी। इस दौरान कोई भी आमोखास रंगों की बौछार से नहीं बच सकेगा। खासतौर से लोकनाथ चौराहे पर कपड़ाफाड़ होली का अलग क्रेज होगा। वहां शहर के अलग-अलग हिस्सों से युवा चेहरे पर बार्निश, रंग पोतकर पहुंचेंगे। तरह-तरह के बाल सिर पर लगाए युवाओं की टोलियां होली की मस्ती में सड़कों पर सराबोर नजर आएंगे। 
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संसकृतिकर्मी डॉ. सुधांशु कुमार मालवीय बताते हैं कि लोकनाथ की कपड़ा फाड़ होली की खास पहचान है।खास तरह का होली का रस-रंग होगा। मस्ती से भरे युवाओं के समूह चुहलबाजियां करेंगे। चौराहे पर छतों-बारजों से रंगवर्षा होगी। डीजे पर लोग झूमेंगे-नाचेंगे। एक -दूसरे को पकड़ कपड़े फाड़ कर मस्ती की जाएगी। कपड़े फाड़कर बिजली केतारों पर फेंक दिए जाएंगे। बच्चे, बड़े सभी एक ही रंग में रंगे नजर आएंगे। न कोई संकोच होगा न रिश्तों की दीवार।
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प्रयाग में साहित्यकारों की होली का अलग मिजाज रहा है। बृहस्पतिवार की होलिका दहन की रात अशोेकनगर स्थित कवियत्री महादेवी वर्मा के आवास पर साहित्यकारों की जुटान हुई। महादेवी अपने दौर में अपने घर पर होली पर जुटने वाले साहित्यकारों की राई और नून से नजर उतारती थीं। उस परंपरा को गकायम रखते हुए उनके पुत्रवत सहायक रामजी पांडेय की पत्नी रानी पांडेय ने महादेवी आवास पर पहुंचने वालों का राई और नमक से परंपरागत नजर उतारी। साहित्य सहकार न्यास के संयोजक बृजेश पांडेय, आशीष पांडेय, गीतकार यश मालवीय, प्रो. अनीता गोपेश, आरती मालवीय, कमल कृष्ण राय, रवि किरन जैन,  नरेंद्र खोसला,केके राय, कमल श्रीवास्तव, उत्पला शुक्ला, पुनर्वस, आशीष शुक्ला की नजर उतारी गई।

इस बार दारागंज के धकाधक चौराहे पर दमकल युद्ध खासा आकर्षणक का केंद्र बनेगा। इस युद्ध में पीएम नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप से हाफिज सईद की भिड़ंत होगी। तानाशाह किम जोंग और शी जिपनिंग से चिकनी चमेली भिड़ेगी। प्रयागराज सेवा समिति की ओर से होने वाले इस आयोजन को बृहस्पतिवार की शाम अंतिम रूप दे दिया गया। समिति के संस्थापक तीर्थराज पांडेय बताते हैं कि दमकल योद्धा काला चश्मा और सिर पर साफा बांध कर युद्ध में उतरेंगे। इस युद्ध में  गैर प्राकृतिक रंगों, पेंट, मिट्टी के तेल, कीचड़ का प्रयोग वर्जित है। होली की शुरुआत नगर देवता वेणी माधव के दरबार से होगी। 


ठंडई के बिना इलाहाबाद की होली अधूरी रहेगी। भांग घोंटी जाएगी। छान छान किसी का कहना न मान... की तर्ज पर भांग-ठंडई छान कर लोग होली की मस्ती में चूर होंगे। मेवा, केसर काजू, बादाम, पिस्ता, काली मिर्च, पोस्ते का दाना, सौंफ, इलायची एवं गुलाब की पंखुडियों से तैयार ठंडाई होली पर खास होगी।
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