होलागढ़ सामूहिक हत्याकांड: होमगार्ड से पूछताछ के बाद और उलझी चार हत्याओं की कहानी
होलागढ़ में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पड़ोसी गांव के होमगार्ड से पूछताछ के बाद मामला और उलझता नजर आ रहा है। दरअसल दो दिन तक हुई पूछताछ में भी पुलिस को मामले में उसकी संलिप्तता से संबंधित कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। हालांकि मृतक के मोबाइल के न मिलने से वह अब भी संदिग्ध है। ऐसे में उससे व उसके परिवारवालों से पूछताछ जारी है।
होलागढ़ में रहने वाले विमलेश पांडेय, उनके बेटे प्रिंस व दो बेटियों की दो जुलाई की रात घर के भीतर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जांच में जुटी पुलिस ने सर्विलांस के सहारे पता चला कि घटना के दूसरे दिन मृतक के गायब मोबाइल से पड़ोस के गांव में रहने वाले होमगार्ड के पास कॉल की गई थी। तब से होमगार्ड फरार था, जिसे एक दिन पहले कानपुर से पकड़कर लाया गया।
सूत्रों की मानें तो दो दिन तक हुई पूछताछ में वह खुद को निर्दोष ही बता रहा है। उसका कहना है कि उसके बच्चों ने जिस नंबर से कॉल किया, यह पता चलने पर कि वह मृतक विमलेश का था, उसके होश उड़ गए। यही वजह है कि वह डर के चलते भागा हुआ था। उसने यह भी बताया है कि विमलेश के बेटे ने उसकी बेटी की ससुराल में जाकर गलत बातें कहने के साथ धमकाया था।
जिसे लेकर उसने विमलेश के अलावा पुलिस से भी शिकायत की थी। हालांकि हत्या के मामले से उसने अपना कोई संबंध होने की बात से इंकार किया है। सूत्रों का कहना है कि मामले में होमगार्ड या उसके परिवार की संलिप्तता से संबंधित अब तक कोई ठोस सबूत या जानकारी हासिल नहीं हो सकी है और यही वजह है कि पुलिस उनसे लगातार पूछताछ में जुटी है।