मंत्री ने कहा है, बिना हाईकोर्ट की अनुमति नही बन सकती खंडपीठ
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के सहायक सॉलिसिटर जनरल वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र सरकार के अधिवक्ताओं ने केंद्र्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद के उस बयान की प्रशंसा की है, जिसमें उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वकीलों से कहा है कि बिना हाईकोर्ट की अनुमति के खंडपीठ नहीं बन सकती है। केंद्र सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
अधिवक्ताओं का मानना है कि राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र की परिकल्पना के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग का औचित्य नहीं है। बैठक का संचालन नरेंद्र कुमार चटर्जी ने किया।बैठक में ज्योत्सना श्रीवास्तव, कृष्ण जी शुक्ल, सीबी सिंह, राजेश त्रिपाठी, सभाजीत सिंह, अरविंद गोस्वामी, संजय यादव, मृत्युंजय तिवारी, आरसी शुक्ल,आराधना चौहान एससी मिश्र, ए एन राय, के डी मालवीय, अशोक सिंह, अखिलेश मिश्र गाँधी, मिथिलेश तिवारी, बीके रघुवंशी, ईशान शिशु आदि शामिल थे।