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हाईकोर्ट : अभ्यर्थी के आवेदन पर बोर्ड क्यों रहा खामोश, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के अपर सचिव हुए पेश
Mon, 13 Dec 2021 09:43 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 13 Dec 2021 09:43 PM IST
सार
याची के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि बोर्ड ने उत्तर प्रदेश एसआई भर्ती परीक्षा तीन चरणों में कराई। याची को दूसरे चरण में परीक्षा देनी थी। लेकिन, परीक्षा से दो दिन पहले ही याची बीमार हो गया।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।)
- फोटो : iStock
विस्तार
उत्तर प्रदेश एसआई भर्ती परीक्षा में बीमार अभ्यर्थी को परीक्षा के लिए दोबारा मौका न देना उत्तर प्रदेश पुलिस एवं प्रोन्नति भर्ती बोर्ड को भारी पड़ा। मामले में नाराजगी जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पेश हुए अपर सचिव से पूछा कि अभ्यर्थी के आवेदन पर बोर्ड क्यों खामोश रहा? उसने कार्रवाई क्यों नहीं की? आदित्य पांडेय की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब अभ्यर्थी ने मामले में लगातार बोर्ड के समक्ष परीक्षा में शामिल होने के लिए दोबारा मौका देने के लिए आवेदन किया तो उसको नजरअंदाज क्यों किया गया? कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तिथि 16 दिसंबर तय कर दी है।
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याची के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि बोर्ड ने उत्तर प्रदेश एसआई भर्ती परीक्षा तीन चरणों में कराई। याची को दूसरे चरण में परीक्षा देनी थी। लेकिन, परीक्षा से दो दिन पहले ही याची बीमार हो गया। इस संदर्भ में उसने बोर्ड के ईमेल आईडी पर पत्र भेजा और तीसरे चरण की परीक्षा में शामिल होने की मांग की लेकिन बोर्ड की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। अभ्यर्थी ने रजिस्ट्री भी की, उस पर भी बोर्ड का जवाब नहीं मिला। इसलिए याची ने कोर्ट के सामने गुहार लगाई है।
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बोर्ड के अधिवक्ता ने पहले तर्क दिया कि एसआई परीक्षा में किसी को भी दुबारा परीक्षा में शामिल होेने का मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने इस बात को विपक्षी पक्ष से हलफनामे में देने को कहा। इस पर नए तथ्य सामने आए। बोर्ड ने 135 अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया गया। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और राहत देने के मामले में विचार करने को कहा।
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