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हाईकोर्ट : शत्रु संपत्ति के मामले में आजम खान की जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित

Thu, 05 May 2022 07:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 05 May 2022 07:21 PM IST
सार

कोर्ट अगले हफ्ते तक किसी भी अपना फैसला सुना सकती है। मामले में अगर आजम खान की जमानत अर्जी मंजूर हो जाती है तो वह जेल से बाहर आ जाएंगे। क्योंकि, बाकी मामलों में कोर्ट ने उन्हें पहले ही जमानत दे रखी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की पीठ कर रही थी।

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High Court: Verdict reserved on Azam Khan's bail application in enemy property case
आजम खां - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

शत्रु संपत्ति के मामले में सवा दो साल से जेल में बंद आजम खान की जमानत अर्जी के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने फैसला सुरक्षित कर लिया है। कोर्ट अगले हफ्ते तक किसी भी अपना फैसला सुना सकती है।

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मामले में अगर आजम खान की जमानत अर्जी मंजूर हो जाती है तो वह जेल से बाहर आ जाएंगे। क्योंकि, बाकी मामलों में कोर्ट ने उन्हें पहले ही जमानत दे रखी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की पीठ कर रही थी।

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बुधवार को नहीं हो सकी थी सुनवाई

बुधवार को जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी थी, क्योंकि चीफ  जस्टिस के आदेश पर बुधवार को दो मई के केस सुने गए. जबकि चार मई को लगे केस की सुनवाई पांच मई को होनी है। यूपी सरकार ने इस प्रकरण में हलफनामा दाखिल कर दिया है। याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। 


आजम खां के खिलाफ विभिन्न आरोपों में 72 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 71 मुकदमों में आजम को अदालतों से जमानत मिल चुकी हैं। एक मुकदमा शत्रु संपत्ति का है, जिसमें जमानत के लिए आजम की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। यह मुकदमा तीन साल पहले 2019 में रामपुर जनपद के अजीमनगर थाने में लिखा गया था, जिसमें पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट दायर की है।

शत्रु संपत्ति को अवैध रूप से युनिवर्सिटी में शामिल करने का है आरोप
 

इस मुकदमे में आरोप है कि आजम ने शत्रु संपत्ति को अवैध रूप से कब्जे में लेकर जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल कर लिया। हाईकोर्ट में इस मामले में पिछले वर्ष दिसंबर में सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

 

मामले में पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार ने आजम खां की ओर से जमानत याचिका दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट में अर्जी देकर कुछ और तथ्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा था। अदालत ने चार मई को सुनवाई की तारीख तय की थी, लेकिन ईद के अवकाश की वजह से चीफ  जस्टिस के आदेश के तहत दो मई के सभी केस की सुनवाई चार मई को हुई, जबकि चार मई के सभी केस की सुनवाई पांच मई यानी बृहस्पतिवार को हुई। प्रदेश सरकार की ओर से 29 अप्रैल को ही हलफनामा दाखिल किया जा चुका है।

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