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High Court Said : दुष्कर्म मामले में बिना वजह न हो देरी, जल्द हों बयान और जिरह
Sat, 17 May 2025 02:31 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 17 May 2025 02:31 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म के मामले में बिना वजह देरी न हो और बयान व जिरह जल्द पूरी की जानी चाहिए। यह आदेश न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने दिया है।
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हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म के मामले में बिना वजह देरी न हो और बयान व जिरह जल्द पूरी की जानी चाहिए। यह आदेश न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने दिया है। करछना थाना क्षेत्र के बीरपुर छीटीया निवासी रवि शंकर पर एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मेजा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि प्रेमजाल में फंसाकर आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद शादी से इन्कार कर दिया।
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इस बीच आरोपी ने दूसरी युवती से विवाह कर लिया। पीड़िता की प्रभावी पैरवी से आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पीड़िता के अधिवक्ता का कहना है कि दुष्कर्म के मामलों में शीघ्र न्याय मिलना चाहिए। पीड़िता ने लगातार तारीखें लगने से परेशान होकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनके अधिवक्ता ने बताया कि विपक्षी अधिवक्ता बिना कारण हाजिरी माफी मांग रहे हैं। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि बिना वजह लंबी तारीखें न दी जाएं। पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान व जिरह की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। कोर्ट ने पीठासीन अधिकारी और सभी संबंधित अधिवक्ताओं को मामले के त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया है।
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